सिंचाई से लेकर सड़क तक, सीएम धामी ने उठाया फोन और जनता को दिया भरोसे का जवाब
देहरादून | 12 जुलाई 2025
शिकायत भेजी थी और सोचा था शायद जवाब न मिले… लेकिन एक दिन फोन की घंटी बजी और उधर से आवाज आई —
“हैलो, मैं पुष्कर सिंह धामी बोल रहा हूं, आपका पत्र मुझे मिल गया है।”
कुछ पल के लिए जैसे समय थम गया। मुख्यमंत्री का सीधे फोन करना न सिर्फ चौंकाने वाला था, बल्कि राहत देने वाला भी।
सीएम धामी की सीधी बात — जनता की शिकायतों पर तुरंत एक्शन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जन शिकायत पत्रों पर खुद संज्ञान लेते हुए कई फरियादियों से फोन पर संवाद किया और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दिए।
बात हुई इन फरियादियों से:
- कर्मचंद, शेरगढ़ (डोईवाला)
- समस्या: खेत के लिए आने वाली सिंचाई नहर टूट गई
- कार्रवाई: सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता को निर्देश जारी
- सीएम का फोन: “आपकी नहर समस्या को तुरंत हल किया जाएगा।”
- मेजर नरेश कुमार सकलानी
- समस्या: भूमि पर अतिक्रमण, अवैध लघु नहर निर्माण
- कार्रवाई: डीएम देहरादून को तत्काल हस्तक्षेप के निर्देश
- धीरेंद्र शुक्ला, कैनाल रोड
- समस्या: बिल्डर द्वारा मानसिक उत्पीड़न
- कार्रवाई: एमडीडीए को शिकायत की जांच का आदेश
- विशन दत्त शर्मा, दिनकर विहार (विकासनगर)
- समस्या: सड़क निर्माण में लापरवाही
- कार्रवाई: लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश
सरकार का दृष्टिकोण: “पत्र कागज नहीं, उम्मीद हैं”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
“जनता के पत्र सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि उनकी आशा और भरोसे का प्रतिबिंब हैं। हर एक समस्या का समाधान देना हमारी कार्यशैली की पहचान है।”
उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता अकेले नहीं हैं—सरकार उनकी आवाज सुन रही है और तुरंत कदम उठा रही है।
जनता ने की सीएम की पहल की सराहना
जिन लोगों से मुख्यमंत्री ने बात की, वे सिर्फ धन्यवाद नहीं कह रहे हैं, बल्कि कह रहे हैं —
“पहली बार किसी नेता ने हमारी बात इतनी गंभीरता से सुनी।”
मुख्यमंत्री की फोन कॉल्स का सार
| फरियादी | स्थान | समस्या | समाधान |
|---|---|---|---|
| कर्मचंद | डोईवाला | सिंचाई नहर टूटी | सिंचाई विभाग को निर्देश |
| नरेश सकलानी | देहरादून | भूमि पर अतिक्रमण | डीएम को कार्रवाई के आदेश |
| धीरेंद्र शुक्ला | कैनाल रोड | बिल्डर से परेशानी | एमडीडीए को जांच सौंपी |
| विशन शर्मा | विकासनगर | सड़क की समस्या | PWD को निर्देश |
निष्कर्ष:
“सरकार सिर्फ फाइलों में नहीं, फोन की घंटी पर भी काम कर रही है” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह पहल उत्तराखंड में जन संवाद की एक नई मिसाल बन रही है।
हर शिकायत पर सीधा संवाद और समयबद्ध कार्रवाई से ये साबित हो रहा है कि जनता की आवाज अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच रही है… और सुनी भी जा रही है।
क्या आपके पास भी है कोई जनसमस्या? अब आवाज उठाइए, क्योंकि सरकार अब एक फोन कॉल की दूरी पर है।


