सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने दिलाई ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ की शपथ
स्थान: देहरादून
तिथि: 13 Jul 2025
मुख्य बातें एक नजर में:
- धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने किया सीएम धामी का सम्मान
- जनता के सहयोग को बताया अभियान की असली ताकत
- ‘ऑपरेशन कालनेमि’ और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का फिर किया जिक्र
- युवाओं, नौकरी और पारदर्शिता को लेकर दिए अहम संकेत
सीएम धामी का बड़ा बयान:
“भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई मेरी व्यक्तिगत विजय नहीं, बल्कि जनता की ईमानदारी, युवाओं की उम्मीदों और पारदर्शिता में विश्वास की जीत है।”
सम्मान समारोह के मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता के संकल्प का उत्सव है।
अब तक क्या हुआ?
- बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी जेल भेजे गए
- ऑनलाइन ट्रांसफर, परीक्षा निगरानी, सीएम हेल्पलाइन 1905, और 1064 भ्रष्टाचार शिकायत प्रणाली जैसे टेक्नोलॉजी टूल्स को अपनाया गया
- भर्ती परीक्षाओं, ट्रांसफर-पोस्टिंग और योजनाओं में कमीशनखोरी पर कसी गई नकेल
- 24 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली पिछले चार वर्षों में
“नकल कानून से लेकर UCC तक”
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सरकार के सख्त निर्णयों को भी दोहराया:
- समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम
- नकल विरोधी कानून, लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानूनों पर ठोस कार्यवाही
- शासन व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए कड़ा प्रशासनिक रुख
‘ऑपरेशन कालनेमि’ पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में फर्जी पहचान वालों पर ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई जारी है।
अब तक:
- 200 से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार
- इनमें बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल
- जनता से की अपील: “ऐसे लोगों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें”
जनता ही सबसे बड़ी ताकत
सीएम धामी ने कहा कि राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का सपना जन समर्थन और जनसंघर्ष के बिना संभव नहीं। उन्होंने मंच से हर नागरिक को शपथ दिलाई कि वह उत्तराखंड को भ्रष्टाचार से मुक्त रखने में अपनी भूमिका निभाएगा।


