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उत्तराखंड में 12 करोड़ की ड्रग्स बरामद: इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, सरगना कुनाल कोहली गिरफ्तार

स्थान: देहरादून / पिथौरागढ़ / चंपावत / नानकमत्ता | तारीख: 16 जुलाई 2025

ड्रग्स की दुनिया का बड़ा खुलासा: मुंबई से नेपाल तक फैला नेटवर्क

उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और तीन जिलों की संयुक्त कार्रवाई में 12 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का भंडाफोड़ किया गया है।
गिरोह का सरगना कुनाल कोहली को नानकमत्ता से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से 7.41 ग्राम एमडीएमए (MDMA) और भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के रॉ मटेरियल बरामद किया गया है।


क्या है एमडीएमए?

एमडीएमए (मेथिलीन डाई ऑक्सी मेथाम्फेटामाइन) एक सिंथेटिक साइकोएक्टिव ड्रग है जिसे आमतौर पर ‘एक्स्टेसी’ या ‘मॉली’ कहा जाता है।
इसकी मांग अंतरराष्ट्रीय नशा बाजार में काफी अधिक है, और एक ग्राम की कीमत लाखों रुपये तक पहुंचती है।


ड्रग फैक्ट्री का खुलासा: पोल्ट्री फार्म में चल रहा था काला कारोबार

पुलिस जांच में सामने आया कि कुनाल कोहली और उसके साथी मोनू गुप्ता ने पिथौरागढ़ के थल क्षेत्र में एक पोल्ट्री फार्म को एमडीएमए बनाने की फैक्ट्री में तब्दील कर दिया था।
यहां नेपाल सीमा से लाए गए रसायनों से एमडीएमए तैयार की जाती थी और मुंबई समेत अन्य राज्यों में सप्लाई होती थी।


अब तक की प्रमुख गिरफ्तारियां और घटनाक्रम:

तारीख घटना विवरण
31 मईमुंबई के ठाणे में बल्लीराम गुप्ता और भीम यादव 11 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार
26 जूनथल (पिथौरागढ़) स्थित पोल्ट्री फार्म में रॉ मटेरियल बरामद, तस्कर फरार
जून अंतिम सप्ताहनेपाल बॉर्डर से मोनू गुप्ता, भीम यादव और अमन कोहली गिरफ्तार
11 जुलाईराहुल की पत्नी ईशा को 10 करोड़ की ड्रग्स के साथ पकड़ा गया
14 जुलाईमुख्य सरगना कुनाल कोहली को नानकमत्ता से दबोचा गया

गिरोह का नेटवर्क: नेपाल और अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के तार नेपाल की सीमा और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैं।
ड्रग्स तस्करी में कई सहयोगी और फाइनेंसर भी शामिल हैं, जिनकी भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है।


पुलिस का बयान: लगातार मॉनिटरिंग और इंटर एजेंसी कोऑर्डिनेशन

“हमने नेपाल पुलिस, एंटी नार्कोटिक्स ब्यूरो और एसटीएफ के साथ लगातार संपर्क बनाकर यह सफलता पाई। यह एक संगठित इंटरनेशनल गिरोह है।”
— नवनीत भुल्लर, एसएसपी, STF


एक फरार, जांच जारी

गिरोह का एक प्रमुख सदस्य अब भी फरार है और नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) और नेपाल पुलिस के साथ संपर्क में है ताकि जल्द से जल्द उसे भी पकड़ा जा सके।


निष्कर्ष:
उत्तराखंड पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने ड्रग तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ कर राज्य को नशे के जाल से बचाने की दिशा में बड़ी कामयाबी दिलाई है।

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