ऑनलाइन वीडियो से उपजा तनाव, बच्चों के विवाद में उलझे दो परिवार, एक की गई जान
रुड़की, 31 जुलाई 2025 — हरिद्वार जिले के रुड़की शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल में बच्चों के बीच हुई आपत्तिजनक टिप्पणी ने दो परिवारों को आमने-सामने ला दिया और मामला हत्या तक पहुंच गया। सुभाषनगर क्षेत्र में मंगलवार देर रात हुए इस विवाद में कारोबारी अजय माहेश्वरी (46) की उनके पड़ोसी द्वारा गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी अमित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और उसके नाबालिग बेटे व पत्नी के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
कैसे उपजा विवाद?
घटना की जड़ एक स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ने वाले छात्रों के बीच की बातचीत और एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार, अमित शर्मा की पत्नी के बारे में कुछ छात्रों ने स्कूल में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर आधारित एक वीडियो इंस्टाग्राम पर भी अपलोड हुआ, जिस पर कई तरह की टिप्पणियां होने लगीं। यह वीडियो और स्कूल में हुए मजाक का असर अमित शर्मा के बेटे पर पड़ा, जिसने दो दिन से स्कूल जाना छोड़ दिया।
परिजनों द्वारा जब इस व्यवहार का कारण पूछा गया, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अमित शर्मा को शक हुआ कि उसके पड़ोसी अजय माहेश्वरी का बेटा भी इस वीडियो और टिप्पणियों में शामिल था। इसी शक के चलते उसने अपने परिवार के साथ मिलकर पड़ोसी से बदला लेने की ठान ली।
हत्या की रात – क्या हुआ?
मंगलवार देर रात अमित शर्मा, उसकी पत्नी दीपा और नाबालिग बेटा, तीनों अजय माहेश्वरी के घर के बाहर पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। शोर सुनकर अजय माहेश्वरी बाहर आए और बात-बात में कहासुनी मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अमित शर्मा ने अजय का गला अपनी बाजुओं में तब तक दबाए रखा जब तक वह बेहोश होकर गिर नहीं पड़े। इसके बाद पूरा परिवार मौके से फरार हो गया।
परिजन अजय को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई तेज, अमित गिरफ्तार, परिवार पर केस दर्ज
घटना की सूचना पर एसपी देहात शेखर सुयाल, सीओ नरेंद्र पंत और कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और जांच शुरू की गई।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मृतक के बेटे की तहरीर पर आरोपी अमित शर्मा, उसकी पत्नी दीपा और नाबालिग बेटे पर IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अमित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता – बच्चों का विवाद, बड़ों की जिद और एक अनमोल जान
इस पूरे मामले ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सोशल मीडिया पर बच्चों की गतिविधियां किस तरह परिवारों में गलतफहमी और गुस्से की चिंगारी भड़का सकती हैं। एक स्कूल की कक्षा से शुरू हुआ विवाद एक परिवार के मुखिया की मौत पर खत्म हुआ।
पुलिस की अपील – अफवाहों से बचें, जांच में सहयोग करें
पुलिस ने क्षेत्रवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए सुभाषनगर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
निष्कर्ष:
रुड़की की यह घटना न सिर्फ एक दर्दनाक हत्या का मामला है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है – बच्चों की आपसी कहासुनी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैली अफवाहें किस कदर जीवन को तबाह कर सकती हैं। समाज, परिवार और प्रशासन – सभी को ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।


