ऑनलाइन पोर्टल से पंजीकरण अनिवार्य, QR पास होगा एंट्री का आधार, होटल-होमस्टे भी होंगे जवाबदेह
देहरादून/मसूरी, 31 जुलाई 2025 — उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन नगरी मसूरी में आने वाले पर्यटकों के लिए अब एक नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब यहां आने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले का मकसद है – मसूरी में भीड़ और ट्रैफिक जाम से निजात पाना, साथ ही पर्यटन को एक संगठित और सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाना।
क्या है नया नियम?
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों पर आधारित एक पोर्टल तैयार किया है, जिसके माध्यम से हर पर्यटक को मसूरी यात्रा से पहले खुद को ऑनलाइन पंजीकृत करना होगा।
पोर्टल लिंक: https://utdb-v2.ethicstechnology.net/mussooriel
बिना पंजीकरण मसूरी में एंट्री नहीं!
मसूरी में प्रवेश करने वाले पर्यटकों की निगरानी अब तीन मुख्य चेक प्वाइंट्स पर की जाएगी:
- किमाड़ी गेट
- केम्पटी फॉल गेट
- कुठाल गेट
यहां QR कोड आधारित एंट्री पास को स्कैन कर सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे भी लगाए गए हैं, जो वाहनों के नंबर प्लेट पढ़कर रियल टाइम डेटा प्रशासन को भेजेंगे।
रजिस्ट्रेशन के दौरान देनी होंगी ये जानकारियां:
- नाम, पता, मोबाइल नंबर
- परिवहन का माध्यम और वाहन संख्या
- होटल/गेस्ट हाउस/होम स्टे की जानकारी
- यात्रा की अवधि
- यात्रियों की संख्या
- ई-मेल/OTP आधारित सत्यापन
भारतीय पर्यटकों को OTP मोबाइल पर मिलेगा, विदेशी पर्यटकों को ई-मेल पर।
होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे भी होंगे शामिल
पर्यटन विभाग ने GETHICS संस्था को इस पंजीकरण प्रक्रिया का जिम्मा सौंपा है। होटल और होम स्टे को पहले पोर्टल पर अपनी प्रॉपर्टी रजिस्टर करनी होगी। इसके बाद वे आने वाले पर्यटकों का चेक-इन पंजीकरण पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
मसूरी होटल एसोसिएशन ने इस व्यवस्था का समर्थन किया है, हालांकि कुछ होटल व्यवसायियों ने शुरुआती आपत्ति भी जताई है।
इस व्यवस्था से क्या फायदे होंगे?
| उद्देश्य | लाभ |
|---|---|
| रियल-टाइम डेटा | प्रशासन को हर समय पर्यटकों की संख्या की जानकारी मिलेगी |
| ट्रैफिक कंट्रोल | जाम की स्थिति को पहले से मैनेज किया जा सकेगा |
| पार्किंग प्लानिंग | गाड़ियों की संख्या के अनुसार संसाधनों की व्यवस्था की जा सकेगी |
| आपातकालीन रणनीति | भीड़ को देखते हुए इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार रहेगा |
| दैनिक और साप्ताहिक कैटेगरी | किस दिन कितने पर्यटक आ रहे हैं, यह पहले से पता होगा |
| पर्यटन का संतुलन | पर्यावरणीय दबाव कम होगा, स्थायी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा |
क्यों जरूरी था ये कदम?
- मसूरी हर साल 20 लाख से अधिक पर्यटकों का स्वागत करता है।
- पर्यटन सीजन में एक दिन में हजारों वाहन पहुंचते हैं, जिससे पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है।
- एनजीटी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मसूरी में आने वाले पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित और रिकॉर्ड किया जाए।
- इस नई व्यवस्था से अनियंत्रित पर्यटन और पर्यावरणीय दबाव को रोका जा सकेगा।
प्रशासन की अपील:
“मसूरी को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए यह पंजीकरण व्यवस्था जरूरी है। पर्यटकों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर योजना अनुसार आएं। यह कदम न सिर्फ मसूरी बल्कि उत्तराखंड के समग्र पर्यटन को व्यवस्थित करेगा।”
— धीरज सिंह मध्यर्याल, सचिव, पर्यटन विभाग
निष्कर्ष:
उत्तराखंड सरकार ने मसूरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर भीड़ और जाम की पुरानी समस्या को सुलझाने के लिए एक डिजिटल और प्रगतिशील पहल की है। अब मसूरी की ओर रुख करने से पहले एक क्लिक में पंजीकरण ज़रूरी है। इससे जहां प्रशासन को बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी, वहीं पर्यटकों को भी सुविधाजनक और तनावमुक्त यात्रा अनुभव मिलेगा।
तो अगली बार जब भी मसूरी का प्लान बनाएं, सबसे पहले करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन — और बनाएं अपनी यात्रा को ज़िम्मेदार और यादगार।


