दिनांक: 9 नवंबर 2025
स्थान: श्री बद्रीश कॉलोनी, देहरादून
गढ़वाली लोकधुनों के साथ प्रभात फेरी, उत्सव ने कॉलोनी को जगाया
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर श्री बद्रीश कॉलोनी कल्याण समिति देहरादून ने सोमवार को पूरे उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ कार्यक्रम आयोजित किया। सुबह गढ़वाली लोकगीतों, ढोल-दमाऊ की गूंज और नारों के साथ एक जीवंत प्रभात फेरी निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय कर दिया।
राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान, उत्तराखंड आंदोलन की विरासत को नमन
कार्यक्रम के केंद्रीय आकर्षण में कॉलोनी में निवास कर रहे राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। समिति ने आंदोलन की उस भावना को याद किया, जिसके बल पर उत्तराखंड का गठन संभव हुआ।
सम्मानित व्यक्तियों में शामिल रहे:
• श्रीमती सुमित्रा कोठियाल
• श्री भगवान रावत
• श्रीमती नीमा भट्ट
• श्रीमती वीरा देवी काला
• श्रीमती सुषमा पुंडीर
• श्रीमती बबली बिष्ट
• श्रीमती सरोजनी देवी
• श्रीमती बसंती देवी
• श्रीमती भडु देवी
• श्रीमती पुष्पा चौहान
कूड़े से मुक्ति और सौंदर्यीकरण का संदेश, कॉलोनी को मिला खास उपहार
समिति ने राज्य स्थापना दिवस के मौके पर कॉलोनी को एक विशेष उपहार भी दिया। मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जमा हो रहे कूड़े को हटाकर मार्ग का सौंदर्यीकरण किया गया। इस पहल ने न केवल स्वच्छता का संदेश दिया, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
समिति ने दी बधाई, अनेक सदस्यों की रही सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष चित्रपाल सजवाण ने सभी कॉलोनीवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और आयोजन की सफलता के लिए सहयोगकर्ताओं का आभार जताया।
समिति की ओर से जिन सदस्यों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई, उनमें शामिल रहे:
अशोक बलूनी, के पी उनियाल, विधान रावत, राजेंद्र रावत, देवेंद्र पंवार, मीनू सुंदरियाल, रविंद्र सजवाण, राजेंद्र बलूनी, कैलाश कोठियाल, प्रदीप नवानी और गुलाब नेगी आदि।
निष्कर्ष
राज्य स्थापना दिवस का यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं रहा, बल्कि उत्तराखंड आंदोलन की स्मृतियों, सामाजिक सहयोग और स्वच्छता जागरूकता का संगम बना। बद्रीश कॉलोनी ने यह संदेश दिया कि समुदाय की एकजुटता और जनभागीदारी से हर पर्व समाजहित में बदल सकता है।


