दिनांक: 20 नवंबर 2025
ऋषिकेश, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड में दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक सनसनीखेज मामले ने फिर से समाज को झकझोर दिया है। ऋषिकेश में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग ने बेहद गंभीर रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को कठोर और त्वरित कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने पुलिस टीम को दिए स्पष्ट निर्देश
उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सीओ ऋषिकेश डॉ. पूर्णिमा गर्ग और एडिशनल एसपी जया बलूनी को तुरंत प्रभाव से सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए।
आयोग ने कहा कि—
- जांच निष्पक्ष और गहन हो
- किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न हो
- दोषियों पर कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
महिला आयोग ने इस मामले को “अत्यंत संवेदनशील” करार देते हुए इसे ज़ीरो टॉलरेंस की श्रेणी में रखा है।
पीड़ित पिता की दर्दनाक शिकायत — शादी के बाद से हो रहा था उत्पीड़न
ऋषिकेश निवासी उमेश कुमार ने आयोग को सौंपे शिकायत पत्र में अपनी बेटी सोनी के साथ हुए दहेज उत्पीड़न और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
शादी और उत्पीड़न की शुरुआत
- विवाह: 02 जुलाई 2023
- पति: सुमित, पुत्र विनोद (निवासी—जाटव बस्ती, रेलवे रोड, ऋषिकेश)
पिता का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों से ही सोनी को
- मानसिक प्रताड़ना
- शारीरिक हिंसा
- दहेज की बार-बार मांग
का सामना करना पड़ा।
उमेश कुमार ने बताया कि 30 सितंबर 2023 को उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी, परंतु उत्पीड़न जारी रहा।
18 नवंबर 2025 — मौत की वह भयावह शाम
पीड़ित पिता के अनुसार, 18 नवंबर 2025 शाम करीब 6 बजे, सोनी के ससुराल पक्ष के कई सदस्यों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
आरोपितों में शामिल हैं—
- पति सुमित
- सास जसवंती
- ससुर विनोद
- जेठ अमित
- जेठानी रूबी
- ननद कामिनी
- रिश्तेदार शिया
- एवं अन्य परिवारजन
आरोप है कि हत्या के बाद सभी आरोपी शव को सरकारी अस्पताल में छोड़कर मौके से गायब हो गए।
महिला आयोग का सख्त संदेश — न्याय में देरी नहीं होगी
महिला आयोग ने इस घटना को महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों का गंभीर उदाहरण बताते हुए कहा कि—
- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना पहली प्राथमिकता है
- ऐसे मामलों में आयोग की ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू है
- दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी
आयोग जल्द ही मामले की प्रगति रिपोर्ट भी पुलिस से तलब करेगा।
निष्कर्ष
ऋषिकेश में हुई दहेज हत्या की यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि समाज में अब भी मौजूद कुरीतियों का भयावह स्वरूप उजागर करती है। महिला आयोग की सख्त हस्तक्षेप से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच ही इस मामले में सच्चाई सामने लाएगी और दोषियों को उनके अपराध की सजा दिलाएगी।


