दिनांक: 27 अक्टूबर 2023
स्थान: विकासनगर, उत्तराखंड
स्कूल में दर्द से कराह रही बच्ची, सहेलियों ने खोल दी पोल
विकासनगर के एक स्थानीय स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक बच्ची दर्द से कराहते हुए स्कूल पहुंची। उसकी स्थिति देखकर शिक्षक एवं शिक्षिकाएं चिंतित हो गईं। बच्ची के सहेलियों ने जब उसकी परेशानी का कारण पूछा, तो उसने मौसा की घिनौनी करतूत का खुलासा किया। बच्ची ने बताया कि उसके मौसा ने उसके साथ गलत काम किया है। यह मामला कनेक्टेड होकर पुलिस तक पहुंचा, जहां से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा
सहसपुर थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक जितेंद्र पटेल ने बताया कि बच्ची की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण चल रहा है। बच्ची ने बताया कि आरोपी मौसा पिछले अक्टूबर से उसके साथ कई बार गलत हरकत कर चुका है और धमकी भी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से मार देगा। डर के कारण बच्ची ने मौसी को भी यह बात नहीं बताई थी।
रिश्तों को कलंकित करने वाला यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय
यह घटना क्षेत्र में सनसनी फैलाने वाली है। बच्ची की सहेलियों और परिजनों के अनुसार, आरोपी मौसा ने बच्ची को कई बार धमकियां दीं और उसके साथ गलत हरकतें कीं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी दुकान पर हंगामा और तोड़फोड़
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी उसकी दुकान खुली हुई थी, जिसे देखकर स्थानीय लोगों और विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। कार्यकर्ताओं ने आरोपी की दुकान के बाहर प्रदर्शन किया, फ्लैक्स बोर्ड फाड़े और तोड़फोड़ का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को शांत कराया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दुकान बंद कराई और कार्रवाई की दी गई।
निष्कर्ष
यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और नारी सम्मान के प्रति जागरूकता का भी मुद्दा है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समाज की जागरूकता से ही इस प्रकार की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है। बच्चों की सुरक्षा हर समाज का कर्तव्य है, और हमें मिलकर ऐसे घिनौने कृत्यों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।


