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दून में हथियार तस्करी का भंडाफोड़, ऑटोमेटिक पिस्टल, बंदूक व कारतूसों के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, नाभा जेल ब्रेक कांड से जुड़ा निकला आरोपी

देहरादून | दिनांक: 06 दिसंबर 2025

उत्तराखंड में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ उत्तराखंड और ऊधम सिंह नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने चार ऑटोमेटिक पिस्टल, एक बंदूक और 40 जिंदा कारतूस के साथ एक शातिर अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी का 2016 के कुख्यात नाभा जेल ब्रेक कांड से पुराना नाता सामने आया है।


संयुक्त ऑपरेशन में दबोचा गया तस्कर

एसटीएफ और ऊधम सिंह नगर पुलिस की टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम देते हुए आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए तस्कर की पहचान मोहम्मद आसिम, निवासी ग्राम धनसारा, थाना बाजपुर, जिला ऊधम सिंह नगर के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और कारतूस बरामद किए गए, जो किसी बड़ी वारदात की ओर इशारा करते हैं।


नाभा जेल ब्रेक कांड से जुड़ा नाम

जांच में खुलासा हुआ है कि मोहम्मद आसिम का संबंध वर्ष 2016 में पंजाब के नाभा जेल ब्रेक कांड से रहा है। उस समय उसने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टरों को कारतूस उपलब्ध कराए थे, जिनका इस्तेमाल जेल ब्रेक की साजिश में किया गया था।

इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर पटियाला जेल में छह साल तक बंद रहना पड़ा था।


एनआईए भी कर चुकी है पूछताछ

आरोपी की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी वर्ष 2023 में ऊधम सिंह नगर स्थित उसके गन हाउस में छापेमारी की थी।
उस दौरान एनआईए की टीम ने मोहम्मद आसिम और उसके भाई को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ भी की थी।


गन हाउस की आड़ में चल रही थी तस्करी

पुलिस के अनुसार वर्तमान में आरोपी अपने भाई के लाइसेंसी गन हाउस की आड़ लेकर अवैध हथियारों की तस्करी कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह इस नेटवर्क के जरिए विभिन्न राज्यों में हथियार सप्लाई करने की फिराक में था।


सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा हथियार किन जगहों पर सप्लाई किए जाने थे।


निष्कर्ष

देहरादून में हुई यह कार्रवाई न केवल अवैध हथियार तस्करी पर करारा प्रहार है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां पुराने आपराधिक नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नाभा जेल ब्रेक जैसे बड़े आतंकी-साजिश से जुड़े आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी ने कानून-व्यवस्था के लिए सतर्कता की जरूरत को फिर से रेखांकित कर दिया है।

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