ऋषिकेश/हरिद्वार | 16 दिसंबर 2025
ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। मनसा देवी मंदिर के पास रेलवे फाटक के समीप तेज रफ्तार एसयूवी कार अनियंत्रित होकर एक ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। इस हादसे में कार सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
ओएनजीसी चौक हादसे की यादें ताजा
यह दुर्घटना ठीक उसी तरह की थी, जैसी एक साल पहले देहरादून के ओएनजीसी चौक पर हुई थी। तब भी तेज रफ्तार एसयूवी पीछे से ट्रक में घुसी थी और कई लोगों की जान चली गई थी। मंगलवार रात ऋषिकेश में हुआ हादसा भी उसी भयावह मंजर को दोहराता नजर आया।
100 किमी से अधिक की रफ्तार, ओवरटेक के दौरान हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त कार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक की रफ्तार से चल रही थी। हरिद्वार से ऋषिकेश की ओर जा रही एक थार गाड़ी में सवार युवक ने बताया कि कुछ देर पहले इस एसयूवी ने उनकी गाड़ी को बेहद तेज गति से ओवरटेक किया था।
उन्होंने बताया, “कार लगातार एक के बाद एक कई वाहनों को ओवरटेक कर रही थी। उसकी रफ्तार देखकर हमें खुद डर लग रहा था। कुछ ही मिनटों में वह हमारी आंखों के सामने ट्रक से टकरा गई।”
जानवर को बचाने के प्रयास में बिगड़ा संतुलन
पुलिस को दिए गए बयान में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर अचानक आए किसी जानवर को बचाने के प्रयास में चालक ने कार को बाईं ओर मोड़ा। इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण वाहन से नियंत्रण हट गया और कार सीधे आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
कार की छत पिचकी, शव हुए क्षत-विक्षत
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार की छत पूरी तरह पिचक गई। सबसे ज्यादा दबाव वाहन के बाएं हिस्से पर पड़ा। चालक का शव कुछ हद तक सुरक्षित स्थिति में मिला, जबकि कार में सवार अन्य तीन युवकों के शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गए।
शव निकालने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल को शव बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर मांस के लोथड़े बिखर गए थे, जिससे मौके का दृश्य बेहद भयावह हो गया।
पुलिस जांच में जुटी, परिजनों में मातम
पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।
निष्कर्ष: रफ्तार बनी जानलेवा
ऋषिकेश में हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की गंभीर चेतावनी देता है। कुछ पलों की जल्दबाजी ने चार जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और संयमित गति ही ऐसे दर्दनाक हादसों को रोक सकती है।


