देहरादून | 25 दिसंबर 2025
देहरादून में बुधवार को एआई से बनाई गई एक वायरल रील को लेकर सियासी माहौल गरमा गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भाजपा मुख्यालय की ओर एकाकी मार्च किया। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर झूठ फैलाने के लिए उनके नाम और चेहरे का दुरुपयोग कर एआई आधारित वीडियो प्रसारित किया गया।
पुलिस बैरिकेडिंग, कार्यकर्ताओं से तीखी नोकझोंक
भाजपा मुख्यालय के नजदीक पहुंचते ही पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बैरिकेड लगाकर हरीश रावत को रोक लिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। माहौल तनावपूर्ण होने पर पुलिस बल को सतर्क रहना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख पूर्व मुख्यमंत्री वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।
भाजपा पर गंभीर आरोप, कहा—झूठ की राजनीति कर रही सरकार
धरने के दौरान हरीश रावत ने भाजपा और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि समाज में भ्रम और नफरत फैलाने के लिए एआई तकनीक का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका दावा है कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उनकी छवि धूमिल करने की साजिश का हिस्सा है।
बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया, युवाओं की उम्र निकलने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बेरोजगारी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं से विभिन्न विभागों में भर्तियां कराने का वादा किया था, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ। सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं की उम्र निकलती जा रही है, जिससे उनमें निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।
एक माह की चेतावनी, 30 जनवरी 2026 को 24 घंटे का धरना
हरीश रावत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर भर्तियों और वादों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे 30 जनवरी 2026 को देहरादून के गांधी पार्क में 24 घंटे का धरना देंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा और जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
निष्कर्ष
एआई रील विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर तकनीक के दुरुपयोग का आरोप लग रहा है, वहीं दूसरी ओर बेरोजगारी जैसे पुराने मुद्दे फिर से केंद्र में आ गए हैं। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और विपक्ष की रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।


