हरिद्वार | 27 दिसंबर 2025
राजनीतिक घमासान के बीच पुलिस की कार्रवाई तेज
बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो ने एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले में अब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बहादराबाद पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर शनिवार को थाने में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
वायरल ऑडियो को लेकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश
पुलिस की ओर से जारी नोटिस में पूर्व विधायक सुरेश राठौर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है। शुक्रवार देर शाम बहादराबाद पुलिस की टीम नोटिस लेकर कड़च्छ स्थित उनके आवास पर पहुंची, हालांकि उस समय पूर्व विधायक घर पर मौजूद नहीं थे।
चार दिनों से सोशल मीडिया पर मचा है बवाल
पिछले चार दिनों से सहारनपुर निवासी अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा वायरल की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग ने सियासी हलकों में भूचाल ला दिया है। उर्मिला स्वयं को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं। वायरल ऑडियो में वह अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीवीआईपी नामों का उल्लेख कर रही हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची हलचल
वायरल ऑडियो में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में भी खलबली मच गई है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
झूठे आरोपों को लेकर दर्ज कराई गई एफआईआर
मामले को लेकर संत शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने तीन दिन पहले बहादराबाद थाने में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने झूठे आरोप लगाकर नाम खराब करने की कोशिश की है।
पुलिस का पक्ष: साक्ष्य होंगे तो जांच में होंगे शामिल
विवेचनाधिकारी एवं बहादराबाद थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा ने नोटिस जारी होने की पुष्टि करते हुए कहा कि यदि लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। पुलिस सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा यह नया घटनाक्रम न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बनता जा रहा है। वायरल ऑडियो, पुलिस नोटिस और दर्ज एफआईआर के बीच अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या यह मामला किसी नए मोड़ पर पहुंचता है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस प्रकरण की दिशा तय करेंगी।


