देहरादून | 28 दिसंबर 2025
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। कांग्रेस जहां भाजपा नेताओं पर हमलावर रुख अपनाए हुए है, वहीं भाजपा ने इसे अनुसूचित जाति और मातृशक्ति का अपमान बताते हुए कड़ा प्रतिवाद किया है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बीच हुई अहम वार्ता के बाद सरकार इस पूरे मामले में एक्शन मोड में नजर आ रही है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
देहरादून समेत प्रदेशभर में इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे वीडियो ने सियासी माहौल को और उग्र कर दिया है। वीडियो में एक महिला नेत्री द्वारा भाजपा नेताओं को निशाने पर लिए जाने के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया। भाजपा इसे साजिश करार देते हुए संयमित लेकिन सख्त रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है।
कांग्रेस की रणनीति: गढ़वाल में जन असंतोष भुनाने की कोशिश
कांग्रेस इस हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बनाकर विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र में जन असंतोष उभारने की कोशिश कर रही है। गढ़वाल की 30 विधानसभा सीटें कांग्रेस के निशाने पर हैं, जहां पिछले दो विधानसभा चुनावों में पार्टी को सीमित सफलता मिली थी।
हालांकि, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इस मुद्दे को उठाने के बावजूद कांग्रेस को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। इसके बाद बदरीनाथ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली जीत को पार्टी अपनी रणनीति की सफलता मानते हुए अब पूरे क्षेत्र में दोबारा आधार मजबूत करने में जुट गई है।
सीबीआई जांच की मांग पर अड़ी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
भाजपा का पलटवार: अनुसूचित जाति और महिला सम्मान का मुद्दा
भाजपा इस पूरे प्रकरण में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पार्टी ने वायरल वीडियो में की गई टिप्पणियों को अनुसूचित जाति समाज और मातृशक्ति का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।
भाजपा का कहना है कि वीवीआईपी एंगल के नाम पर बार-बार अंकिता भंडारी का उल्लेख करना महिला सम्मान के खिलाफ है और कांग्रेस इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है।
राष्ट्रीय नेतृत्व भी सतर्क
आडियो और वीडियो के आधार पर भाजपा पर हो रहे हमलों को लेकर पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी गंभीर है। शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश संगठन और सरकार से सतर्क रहते हुए आवश्यक और ठोस कदम उठाने के संकेत दिए हैं। सरकार और संगठन के हर कदम पर अब केंद्रीय स्तर से भी नजर रखी जा रही है।
“कांग्रेस का षड्यंत्र होगा बेनकाब” : महेंद्र भट्ट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने कहा कि केवल आडियो में हुई बातचीत के आधार पर भाजपा और उसके नेताओं की छवि खराब करने की कांग्रेस की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अब तक न तो न्यायालय में और न ही जनता के सामने कोई ठोस सबूत पेश कर पाई है।
भट्ट ने बताया कि इस पूरे मामले पर उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विस्तार से बातचीत हुई है और सरकार कांग्रेस के षड्यंत्र की तह तक जाकर सच सामने लाएगी।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस जहां इसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश में है, वहीं भाजपा सरकार और संगठन मिलकर सधे हुए अंदाज में जवाब देने की रणनीति अपना रहे हैं। सीएम धामी और प्रदेश नेतृत्व की सक्रियता के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है, जबकि सरकार पर न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।


