BREAKING

Year Ender 2025: उत्तराखंड में टनल पार्किंग का सपना फिर अधूरा, 12 परियोजनाएं कागज़ों में ही अटकीं

देहरादून | 29 दिसंबर 2025

पहाड़ों में पार्किंग संकट बरकरार

पर्यटन और शहरी दबाव से जूझ रहे उत्तराखंड में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए पहाड़ों के भीतर टनल पार्किंग बनाने की योजना इस साल भी जमीन पर नहीं उतर सकी। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के 12 शहरों में टनल पार्किंग विकसित की जानी थीं, लेकिन वर्ष 2025 समाप्त होने के बावजूद एक भी परियोजना का निर्माण शुरू नहीं हो पाया।


ड्रीम प्रोजेक्ट बना फाइलों तक सीमित

टनल पार्किंग को उत्तराखंड का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा था। योजना के तहत पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और नैनीताल जैसे प्रमुख जिलों में आधुनिक भूमिगत पार्किंग बनाई जानी थी, जिससे पहाड़ी कस्बों में जाम और अव्यवस्था से राहत मिलती। मगर तकनीकी अड़चनों और एजेंसी चयन की समस्याओं ने इस योजना को आगे बढ़ने ही नहीं दिया।


कैंप्टी टनल पार्किंग सबसे पहले अटकी

12 टनल पार्किंग में सबसे पहले कैंप्टीफाल (टिहरी) की टनल पार्किंग के लिए 120 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। यह पार्किंग टिहरी–कैंप्टीफाल–मसूरी (मसीही मसूरी रोड) के सामने बननी थी और इसमें करीब 400 वाहनों की क्षमता प्रस्तावित थी।
डीपीआर तैयार होने के बावजूद निर्माण शुरू होने से पहले ही परियोजना अटक गई।


सड़क एलाइनमेंट बदला, बढ़ी मुश्किल

टनल निर्माण शुरू होने से ठीक पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) ने सड़क का एलाइनमेंट बदल दिया। इसके चलते टनल के प्रस्तावित प्रवेश द्वार और सड़क के बीच पहाड़ आ गया। इस बाधा को हटाने या टनल को आगे खिसकाने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ने लगी।
इसी कारण करीब एक साल से काम पूरी तरह ठप है।


निर्माण कंपनी हटाई गई, नई का इंतजार

परियोजना में देरी के चलते शासन ने निर्माण एजेंसी एनएचआईडीसीएल को हटा दिया। हालांकि, इसके बाद अब तक कोई नई निर्माण कंपनी काम संभालने को आगे नहीं आई। नतीजतन, कैंप्टी टनल पार्किंग समेत अन्य सभी परियोजनाएं भी अधर में लटकी हुई हैं।


इन जिलों में प्रस्तावित हैं टनल पार्किंग

सरकारी योजना के अनुसार प्रदेश में कुल 12 टनल पार्किंग बनाई जानी हैं—

पौड़ी जिला

  • लक्ष्मण झूला

  • देवप्रयाग रेलवे स्टेशन के पास सौड़

टिहरी जिला

  • ओल्ड टिहरी रोड, कूड़ाघर के सामने (चंबा)

  • नैनबाग धनोल्टी

  • छिलेड़ी गांव तेगड़ बाजार

  • थत्यूड़ बाजार

  • मेन बाजार

  • टिहरी–कैंप्टीफाल–मसूरी

उत्तरकाशी जिला

  • गंगोत्री

  • गंगनानी

नैनीताल जिला

  • नैनीताल–भवाली रोड पर कैंट बोर्ड की जमीन

  • नेशनल ऑब्जर्वेटरी के पास पहला मोड़


पर्यटन नगरी में बढ़ती परेशानी

टनल पार्किंग न बनने से पर्यटन सीजन में मसूरी, नैनीताल, टिहरी और अन्य पर्वतीय शहरों में जाम और अव्यवस्था आम बात बनी हुई है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


निष्कर्ष

Year Ender 2025 में उत्तराखंड की टनल पार्किंग योजना एक बार फिर अधूरी कहानी बनकर रह गई। बजट स्वीकृत होने के बावजूद एजेंसी बदलाव, तकनीकी अड़चनें और प्रशासनिक सुस्ती ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे नहीं बढ़ने दिया। अब उम्मीदें वर्ष 2026 से जुड़ी हैं कि सरकार इस योजना को नई रफ्तार देकर पहाड़ों में पार्किंग संकट का स्थायी समाधान निकाल पाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *