देहरादून | 3 जनवरी 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में पुष्प उत्पादन को नई दिशा देने की पहल करते हुए ट्यूलिप उगाने के विशेष अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने परिवार के साथ सीएम आवास परिसर के उद्यान में ट्यूलिप के बल्ब रोपकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
17 प्रजातियों के 4000 ट्यूलिप लगाए जाएंगे
इस महत्वाकांक्षी मुहिम के तहत कुल 17 विभिन्न प्रजातियों के लगभग चार हजार ट्यूलिप पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें लेक पर्पल और बाईकलर जैसी खास रंगत वाली प्रजातियां भी शामिल हैं, जो भविष्य में प्रदेश की बागवानी पहचान को और सशक्त बनाएंगी।
व्यावसायिक उत्पादन पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि ट्यूलिप केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में ट्यूलिप पुष्प के व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए।
बागवानी में नवाचार पर जोर
सीएम धामी ने कहा कि पुष्प उत्पादन और बागवानी के क्षेत्र में नवाचार अपनाकर उत्तराखंड को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सकता है। उन्होंने उद्यान विभाग को आधुनिक तकनीकों, नई प्रजातियों और बाजार से जोड़ने की रणनीति पर काम करने के निर्देश दिए।
मशरूम व मौनपालन की भी ली जानकारी
इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित से ट्यूलिप उत्पादन की प्रक्रिया, देखभाल और संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। साथ ही उन्होंने सीएम आवास परिसर में हो रहे मशरूम उत्पादन, मौनपालन (बी-कीपिंग) और अन्य बागवानी गतिविधियों की भी समीक्षा की।
निष्कर्ष
देहरादून में शुरू हुई यह ट्यूलिप मुहिम न केवल प्रदेश की हरियाली और सौंदर्य में इजाफा करेगी, बल्कि भविष्य में उत्तराखंड को पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का माध्यम भी बनेगी। सरकार की यह पहल किसानों, बागवानों और युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


