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उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी में फेरबदल की आहट, सात आईएएस अफसरों को मिल सकती हैं नई जिम्मेदारियां

देहरादून | 4 जनवरी 2026

नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में व्यापक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है, जिसके तहत सात आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।


कई अहम विभागों में बदलाव के संकेत

सूत्रों के अनुसार, जल्द ही कई आईएएस अधिकारियों के विभाग बदले जा सकते हैं। वर्तमान में सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली के पास गृह, पेयजल और कार्मिक जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग हैं। उनका केंद्र सरकार से इंपैनलमेंट पत्र प्राप्त हो चुका है, ऐसे में उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की स्थिति में ये विभाग खाली हो सकते हैं।


पदोन्नति के बाद सचिव बने सात आईएएस

हाल ही में राज्य सरकार ने आठ अपर सचिवों को सचिव पद पर पदोन्नत किया है। इनमें से एक आईएएस अधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिसके चलते उन्हें परफॉर्मा पदोन्नति दी गई है।


एक जनवरी से सचिव बने अधिकारी

परफॉर्मा पदोन्नति को छोड़कर शेष सात आईएएस अधिकारी एक जनवरी से औपचारिक रूप से सचिव पद पर कार्यभार संभाल चुके हैं। इनमें—
डॉ. अहमद इकबाल, सोनिका, रंजना राजगुरू, आनंद स्वरूप, देव कृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडेय और राजेंद्र कुमार शामिल हैं।


विभागीय बंटवारे को लेकर मंथन तेज

इन सभी नवपदोन्नत सचिवों को विभागीय जिम्मेदारियां दी जानी हैं। इसी क्रम में सचिव स्तर पर विभागों का पुनर्गठन और पुनर्वितरण किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।


नए साल में प्रशासनिक संतुलन की कवायद

सरकार नए साल में प्रशासनिक संतुलन साधने और अनुभवी अधिकारियों की क्षमता के अनुरूप विभाग आवंटन पर जोर दे रही है। वरिष्ठता, अनुभव और वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए जाने की संभावना है।


निष्कर्ष

उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी में प्रस्तावित यह फेरबदल आने वाले समय में प्रशासनिक दिशा और कार्यशैली को प्रभावित कर सकता है। सात नए सचिवों को जिम्मेदारियां मिलने और संभावित केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के चलते खाली होने वाले अहम विभागों को लेकर शासन स्तर पर मंथन तेज है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार कब और कैसे इन बड़े प्रशासनिक बदलावों को अंतिम रूप देती है।

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