देहरादून | 12 जनवरी 2026
उत्तराखंड के बहुचर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी फिलहाल मौसम की मार में फंसती नजर आ रही है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद आरोपी अब तक कानून की पकड़ से बाहर है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी भारत-नेपाल सीमा से सटी बर्फीली पहाड़ियों में छिपा हुआ है, जहां भारी बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दून पुलिस ने इस मामले को लेकर गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है, वहीं आरोपी की गिरफ्तारी के लिए नेपाल सरकार से भी लगातार संपर्क और वार्ता की जा रही है। सीमा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समन्वय के तहत कार्रवाई को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी घटना के बाद से ही भारत-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय है। हालांकि इन दिनों सीमा से लगे इलाकों में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण सर्च ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। हालात बिगड़ने पर पुलिस की विशेष टीमें भी सुरक्षा कारणों से दून लौट आई हैं।
कैसे हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद के दौरान कुछ युवकों ने त्रिपुरा निवासी छात्र एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल चकमा पर हमला कर दिया था। विवाद इतना बढ़ गया कि एक आरोपी ने पास की दुकान से चाकू उठाकर एंजेल पर जानलेवा हमला कर दिया।
घटना में एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद 26 दिसंबर 2025 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अब तक की पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने इस हत्याकांड में कुल छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पिछले करीब 25 दिनों से फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में छिपे होने की पुख्ता सूचना है। हालांकि खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाका पुलिस की कार्रवाई में बाधा बना हुआ है। जैसे ही मौसम सामान्य होगा, सीमा क्षेत्र में एक बार फिर सर्च ऑपरेशन तेज किया जाएगा।
घटना के बाद से फोन भी नहीं किया ऑन
पुलिस के लिए एक और बड़ी चुनौती यह है कि फरार आरोपी ने घटना के बाद से अपना मोबाइल फोन एक बार भी चालू नहीं किया है। इतना ही नहीं, उसने अपने माता-पिता, रिश्तेदारों या दोस्तों में से किसी से भी संपर्क नहीं किया है। आरोपी का यह व्यवहार पुलिस को किसी भी तकनीकी सुराग तक पहुंचने नहीं दे रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का लंबे समय से अपने परिजनों से भी कोई संपर्क नहीं है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना और अधिक मुश्किल हो गया है।
पुलिस का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह ने कहा,
“भारत-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण आरोपी की तलाश में कठिनाइयां आ रही हैं। आरोपी के पहाड़ियों में छिपे होने की सूचना है। मौसम सामान्य होते ही सर्च ऑपरेशन को दोबारा तेज किया जाएगा। नेपाल पुलिस से लगातार समन्वय बना हुआ है।”
निष्कर्ष
चकमा हत्याकांड ने न केवल प्रदेश बल्कि देशभर में आक्रोश पैदा किया है। पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन खराब मौसम और सीमावर्ती इलाकों की दुर्गमता फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि मौसम साफ होते ही कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी और फरार आरोपी को जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।


