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उत्तराखंड में सूखी ठंड का कहर: पहाड़ों में पाला, मैदानों में घना कोहरा; 17 जनवरी से बदल सकता है मौसम

देहरादून | 12 जनवरी 2026

उत्तराखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार शुष्क बना हुआ है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक सूखी ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में जहां पाले ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं मैदानी जिलों में सुबह के समय घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। हालांकि दिन में तेज धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन सुबह और शाम सर्दी का सितम बरकरार है।


मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए पर्वतीय इलाकों में पाले और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल प्रदेश में बड़े मौसम बदलाव के संकेत नहीं हैं और आने वाले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहने की संभावना जताई गई है।


देहरादून समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रविवार को दिनभर तेज धूप खिली रही। इसके बावजूद रात और सुबह के समय तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का अहसास अधिक हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य या उससे नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। यही वजह है कि सुबह-शाम कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।


मौसम विभाग ने हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। वहीं पर्वतीय जिलों में पाले की संभावना बनी हुई है। ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में शीतलहर जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।


17 जनवरी से दिखेगा मौसम में बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार, 17 जनवरी के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 3400 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। राज्य के अन्य जिलों में मौसम शुष्क ही बने रहने के आसार हैं।


मसूरी में सर्दी का प्रकोप, झील का पानी जमने लगा


मसूरी | 12 जनवरी 2026


पर्यटन नगरी मसूरी और यमुना तथा अगलाड़ घाटियों में कड़ाके की ठंड ने आमजन को बेहाल कर दिया है। मसूरी में रात का तापमान लगातार शून्य डिग्री से नीचे पहुंच रहा है। अत्यधिक ठंड के चलते कंपनी गार्डन झील का पानी जमना शुरू हो गया है, जो ठंड की गंभीरता को दर्शाता है।


दिन के समय यदि बादल या कोहरा नहीं होता है तो अच्छी धूप निकल रही है, जिससे कुछ राहत मिलती है। हालांकि शाम ढलते ही ठंडी हवाएं तेज हो जाती हैं, जिससे ठिठुरन बढ़ जाती है।


शहर के उत्तरी क्षेत्रों—जीरो प्वाइंट, कैंपटी रोड, कैमल्स बैक रोड, जबरखेत–बाटाघाट रोड, वेवरली चौराहा से हाथीपांव रोड—पर भारी पाला पड़ रहा है। इसके चलते कई स्थानों पर दुपहिया वाहन सवार फिसलकर घायल भी हो रहे हैं।


पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि पाले से प्रभावित क्षेत्रों में दुर्घटनाओं से बचाव के लिए चूना और ब्लीचिंग पाउडर डालने के निर्देश नगर पालिका को दिए गए हैं, ताकि फिसलन को कम किया जा सके।


निष्कर्ष

उत्तराखंड में फिलहाल सूखी ठंड लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। पहाड़ों में पाला और मैदानों में कोहरा चुनौती बना हुआ है। हालांकि दिन की धूप राहत दे रही है, लेकिन सुबह-शाम सर्दी का असर तेज बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी से मौसम का मिजाज बदल सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

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