स्थान : चकराता/विकासनगर, देहरादून (उत्तराखंड)
तिथि : 13 जनवरी 2026
देहरादून जनपद की चकराता तहसील से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक ग्रामीण की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में मृतक के बेटे की शिकायत पर नायब तहसीलदार के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, चकराता तहसील के ग्राम मशक निवासी मदी पुत्र केसरु की 10 जनवरी 2026 की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात शाम करीब चार बजे उस समय हुई, जब मदी सायं खरोड़ा से छानी कुमरावा की ओर पैदल लौट रहे थे। रास्ते में वह मोबाइल फोन पर अपनी पुत्री अनीता से बातचीत कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि चलते-चलते थकान महसूस होने पर मदी रास्ते में बैठ गए। इसी दौरान ग्राम हरटाड़ निवासी नीता राम मौके पर पहुंचा और अचानक बंदूक से उन पर फायरिंग कर दी। पहली गोली मदी के पैर में लगी, जबकि दूसरी गोली सीधे सीने में जा लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों को पूरे घटनाक्रम की वास्तविक जानकारी नहीं मिल सकी। इसी कारण पुलिस को सूचना दिए बिना ही मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में जब परिजनों को हत्या की सच्चाई का पता चला, तो मृतक के पुत्र परशुराम पुत्र स्व. मदी ने मामले की शिकायत नायब तहसीलदार से की।
परशुराम की तहरीर के आधार पर नायब तहसीलदार ने एक नामजद आरोपी नीता राम और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों, आरोपी की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार क्यों और किन परिस्थितियों में किया गया।
निष्कर्ष:
चकराता क्षेत्र में हुई यह वारदात न केवल एक जघन्य हत्या का मामला है, बल्कि बिना पुलिस सूचना के अंतिम संस्कार किया जाना भी गंभीर चिंता का विषय है। अब इस मामले में पुलिस जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हत्या के पीछे क्या वजह थी और अन्य कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे। पूरे प्रकरण ने इलाके में दहशत और कई सवाल छोड़ दिए हैं।


