देहरादून | 18 जनवरी 2026
दून मेडिकल कॉलेज से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग किए जाने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सीनियर छात्रों को निष्कासित कर दिया है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, कुछ जूनियर छात्रों ने हॉस्टल में मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही मामले को एंटी रैगिंग कमेटी के संज्ञान में लाया गया और प्रारंभिक जांच के बाद आरोपों को गंभीर मानते हुए संबंधित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
एंटी रैगिंग कमेटी की सिफारिश पर दोनों आरोपित छात्रों को जांच रिपोर्ट आने तक हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। इस दौरान उन्हें कॉलेज परिसर में भी अनुशासनात्मक नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाती है। यदि जांच रिपोर्ट में छात्र दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें कॉलेज से निलंबन या स्थायी निष्कासन तक शामिल है।
प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की रैगिंग या अनुचित व्यवहार से दूर रहें और ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत कॉलेज प्रशासन या एंटी रैगिंग सेल को दें।
निष्कर्ष:
दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के इस मामले ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है। कॉलेज प्रशासन की त्वरित कार्रवाई यह संदेश देती है कि छात्रों की गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


