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देहरादून में पार्षद के मासूम बेटे पर छोड़े गए कुत्ते, विरोध करने पर दंपती से मारपीट; छह पर मुकदमा दर्ज

देहरादून | 24 जनवरी 2026

राजधानी देहरादून के रायपुर क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पार्षद के पांच वर्षीय बेटे पर दो पालतू कुत्ते छोड़ दिए गए। बच्चे की सुरक्षा को लेकर विरोध जताने पर आरोप है कि कुत्ते घुमा रहे चार महिलाओं और दो पुरुषों ने पार्षद और उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पुलिस ने मामले की जांच के बाद छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।


यह घटना 19 जनवरी की शाम रायपुर क्षेत्र स्थित माता वाला पार्क के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पार्षद संजीत कुमार बंसल, निवासी डांडा खुदानेवाला, सहस्त्रधारा रोड की पत्नी अपने पांच साल के बेटे को पार्क के आसपास घुमा रही थीं। उसी दौरान कुछ लोग अपने दो पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थान पर टहला रहे थे।


आरोप है कि कुत्तों ने बच्चे पर भौंकना शुरू कर दिया और स्थिति भयावह हो गई। इस पर पार्षद की पत्नी ने सार्वजनिक स्थल पर लापरवाही से कुत्ते घुमाने का विरोध किया। विरोध के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।


सूचना मिलने पर पार्षद संजीत कुमार बंसल भी मौके पर पहुंचे और कुत्तों को सार्वजनिक स्थान पर बिना नियंत्रण के घुमाने व मारपीट का कारण पूछा। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता की और मारपीट की। हालांकि गनीमत रही कि बच्चे को किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं आई।


मामले की जांच कर रहे मयूर विहार चौकी प्रभारी संजय रावत ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की गई। जांच में कुत्ते के काटने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह स्पष्ट हुआ कि कुत्ते घुमा रहे चार महिलाओं और दो पुरुषों ने पार्षद और उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस आधार पर सभी छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा।


सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों को लेकर बढ़ती चिंता


नगर निगम द्वारा पालतू कुत्तों के लिए नियम और दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद शहर में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुछ समय पहले पटेलनगर क्षेत्र में एक अधिवक्ता के घर के बाहर कुत्ता घुमाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें विरोध करने पर मारपीट और कुत्ता छोड़ने का आरोप लगा था।


इसी तरह राजपुर क्षेत्र में भी एक टेंपो चालक पर पालतू कुत्ता छोड़ने की घटना सामने आ चुकी है। इन घटनाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


निष्कर्ष:
रायपुर की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि नगर निगम के पालतू कुत्तों से जुड़े नियमों के पालन पर भी सवाल उठाती है। सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदारी के साथ पालतू जानवरों को नियंत्रित करना आवश्यक है। प्रशासनिक सख्ती और नागरिकों की जागरूकता से ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

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