BREAKING

‘बॉर्डर-2’ ने जगाया देशभक्ति का ज्वार: सिनेमा हॉल से बाहर गूंजे ‘भारत माता की जय’, बारिश भी नहीं रोक पाई दर्शकों का उत्साह

देहरादून | 24 जनवरी 2026

सनी देओल अभिनीत फिल्म ‘बॉर्डर-2’ की रिलीज के साथ ही देहरादून में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। शुक्रवार को भारी बारिश के बावजूद राजधानी के सिनेमाघरों में सुबह से रात तक दर्शकों की भीड़ उमड़ी रही। कई शो हाउसफुल रहे और फिल्म समाप्त होते ही सिनेमाघर परिसर ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।


उत्तराखंड में फिल्माई गई यह बहुप्रतीक्षित फिल्म शुक्रवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। देहरादून में पहले दिन ही दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह करीब नौ बजे से ही लोग टिकट लेकर सिनेमा हॉल पहुंचने लगे। कई दर्शकों ने पहले से ऑनलाइन बुकिंग करा रखी थी। भीड़ को देखते हुए सिनेमाघरों के बाहर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए।


फिल्म देखने के बाद दर्शकों में देश के प्रति गर्व और जोश साफ नजर आया। लोगों का कहना था कि ‘बॉर्डर-2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को नमन करने का माध्यम है। दर्शकों ने इसे खासतौर पर युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।


वर्ष 1997 में आई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ के दूसरे भाग के रूप में बनी इस फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म में थल सेना, वायु सेना और नौसेना—तीनों की वीरता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। दमदार एक्शन, भावनात्मक दृश्य और देशभक्ति से ओतप्रोत संवाद दर्शकों को सीट से बांधे रखते हैं।


दर्शकों की जुबानी ‘बॉर्डर-2’


अनिल (आईटी पार्क):
“गदर और बॉर्डर जैसी फिल्मों की वजह से सनी देओल हमारे पसंदीदा अभिनेता हैं। ‘बॉर्डर-2’ के हर सीन में देशभक्ति झलकती है।”


अंकित (दुर्गा एन्क्लेव):
“फिल्म देशभक्ति की भावना को और मजबूत करती है। सनी देओल की भूमिका और जिम्मेदारी बेहद प्रभावशाली लगी।”


रचना (शांति विहार, रायपुर):
“फिल्म में सैनिकों की जिंदगी को वास्तविक रूप में दिखाया गया है। परिवार के साथ जरूर देखी जानी चाहिए।”


नवीन (रायपुर):
“देहरादून में शूट हुई फिल्म देखकर गर्व महसूस हुआ। यहां के दृश्य देखकर रोमांच और बढ़ गया।”


साधिका भीम मुंजाल (चमन विहार):
“हर संवाद और युद्ध दृश्य देशभक्ति के जोश को दोगुना कर देता है।”


शुभम (ओल्ड सर्वे रोड):
“इस तरह की फिल्में युवाओं को प्रेरित करती हैं और देश की एकता का संदेश देती हैं।”


आशीष (मोहिनी रोड):
“फिल्म के गाने भी शानदार हैं। देखने के बाद दोस्तों के फोन आने लगे कि फिल्म कैसी है।”


गौरिका भीम मुंजाल (चमन विहार):
“इतनी बड़ी संख्या में लोग देशभक्ति फिल्म देखने आ रहे हैं, यह गर्व की बात है।”


निष्कर्ष:
‘बॉर्डर-2’ की रिलीज के साथ ही देहरादून में जो नजारा देखने को मिला, उसने साबित कर दिया कि देशभक्ति पर बनी सशक्त फिल्में आज भी लोगों के दिलों को छूती हैं। बारिश के बावजूद उमड़ी भीड़ और नारों की गूंज यह दर्शाती है कि भारतीय सेना की वीरता और बलिदान की कहानियां हर पीढ़ी को जोड़ने की ताकत रखती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *