देहरादून | 26 जनवरी 2026
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पदक व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में प्रशासन, सुरक्षा बलों और सिविल सेवाओं से जुड़े कार्मिकों की सेवाओं की सराहना की गई।
झांकियों ने बिखेरी उत्तराखंड की विकास यात्रा और संस्कृति की झलक
परेड ग्राउंड में सूचना विभाग द्वारा ‘उत्तराखंड रजत जयंती, शीतकालीन धार्मिक यात्रा एवं पर्यटन’ विषय पर आधारित झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय और विद्यालयी शिक्षा विभाग को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, पर्यटन, उद्यान, वन, उद्योग, उरेड़ा सहित विभिन्न विभागों की झांकियों ने सरकारी योजनाओं और नीतियों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
सुरक्षा बलों की भव्य परेड, सीआरपीएफ प्रथम
समारोह में 14वीं डोगरा रेजीमेंट, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी व महिला पीएसी, उत्तराखंड होमगार्ड्स, प्रांतीय रक्षक दल, एनसीसी बॉयज एवं गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन और सीपीयू की टुकड़ियों ने परेड में भाग लिया।
परेड प्रतियोगिता में सीआरपीएफ को प्रथम, आईटीबीपी को द्वितीय और 14वीं डोगरा रेजीमेंट (आर्मी) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
लोक कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन
कार्यक्रम में राज्य के लोक कलाकारों ने छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य और पाइप बैंड सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में दर्शाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
लोकतंत्र सेनानियों और शहीदों के परिजनों का सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके योगदान को नमन किया।
लोक भवन में भी फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने लोक भवन में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को नमन किया।
राज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों और देश की सीमाओं पर तैनात जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने का संकल्प देता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विश्व गुरु भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में नागरिकों की भागीदारी को आवश्यक बताया।
राज्यपाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों के सकारात्मक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने में सहायक होगा। उन्होंने उत्तराखंड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।
उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित अधिकारी
उत्कृष्ट सेवा सम्मान
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डॉ. नीरज सिंघल, निदेशक, पशुपालन विभाग
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मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी
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अरुण कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी, सचिवालय
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राकेश सिंह असवाल, समीक्षा अधिकारी, सचिवालय
राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक
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यशपाल सिंह, निरीक्षक नागरिक पुलिस, एसटीएफ देहरादून
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नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक, एसटीएफ देहरादून
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देवेंद्र कुमार, आरक्षी, एसटीएफ देहरादून
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भूपेंद्र सिंह मर्तोलिया, मुख्य आरक्षी, एसटीएफ कुमाऊं
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सुनील कुमार, अपर उप निरीक्षक, सशस्त्र पुलिस पौड़ी
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सुनील रावत, मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस देहरादून
निष्कर्ष
उत्तराखंड में गणतंत्र दिवस 2026 का यह भव्य आयोजन राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और विकास के संकल्प का प्रतीक बना। परेड, झांकियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोहों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संविधान के मूल्यों और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना के साथ ही प्रदेश और देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।


