चकराता/देहरादून | 26 जनवरी 2026
उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चकराता में बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों के लिए यह यात्रा जानलेवा साबित हुई। रविवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक किशोर सहित तीन पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसों से क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
पहला हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दो युवकों की मौत
पहली दुर्घटना कालसी-चकराता स्टेट हाईवे पर शाम करीब 4:30 बजे हुई।
चकराता से लौट रहे बाइक सवार 25 वर्षीय राजेश सिंह (निवासी सकरोल कामला, कालसी; संविदा कर्मी, एमईएस देहरादून) और 23 वर्षीय राजा (निवासी कल्याणपुरी, दिल्ली; कर्मचारी, देहरादून एयरपोर्ट) को कोरुवा गांव स्थित भूतिया घूम के पास एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
हादसे के बाद दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है।
दूसरा हादसा: खाई में गिरी कार, 15 वर्षीय किशोर की मौत
इसी हाईवे पर शाम करीब 6 बजे, लाल पुल बडोई छानी के पास दिल्ली से आए पर्यटकों की कार अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय वंश चावला (निवासी संतनगर, पुरानी दिल्ली) की मौके पर ही मौत हो गई।
कार में सवार मृतक की मां हेमा चावला, भाई, लीना कपूर, उनके बेटे शौर्य व सृवाग्य और मोहित कपूर घायल हो गए। सभी घायलों को सीएचसी साहिया में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
रील बनाने के चक्कर में हुआ हादसा
कालसी थाना पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार सवार लोग बर्फबारी देखने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। इसी दौरान मोबाइल फोन पर रील बनाने के प्रयास में चालक का ध्यान भटक गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया।
निष्कर्ष
चकराता की इन दर्दनाक घटनाओं ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में लापरवाही और सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने का जुनून जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें, मोबाइल फोन का उपयोग सीमित रखें और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि ऐसी त्रासद घटनाओं से बचा जा सके।


