ऋषिकेश/शिवपुरी | 25 जनवरी 2026
असली नायक वर्दी नहीं, साहस और संवेदनशीलता से पहचाने जाते हैं—यह साबित किया है शिवपुरी स्थित साहसिक प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य गाइड विपिन शर्मा ने। गंगा की उफनती लहरों में डूबते पर्यटक को देखकर उन्होंने बिना पल गंवाए जान जोखिम में डाल दी और समय रहते सीपीआर देकर एक बुझती जिंदगी को फिर से रौशन कर दिया। गाइड की इस बहादुरी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना 25 जनवरी को अपराह्न करीब एक बजे की है। युवा कल्याण विभाग, देहरादून के अंतर्गत साहसिक प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी में विपिन शर्मा मरीन ड्राइव से शिवपुरी के बीच युवाओं को राफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रहे थे। इसी दौरान यूसुफ बीच के पास चीख-पुकार सुनाई दी। पता चला कि गुरुग्राम निवासी पर्यटक अविनाश गंगा के तेज बहाव में फंसकर डूबने लगा है।
स्थिति की गंभीरता भांपते ही विपिन ने सीटी बजाकर आसपास की राफ्टों के गाइडों को अलर्ट किया। सहायक गाइड जितेंद्र त्यागी ने तुरंत रस्सी फेंकी, लेकिन बहाव अधिक होने के कारण स्थिति बिगड़ती चली गई। तब विपिन ने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी और डूबते पर्यटक को पकड़कर किनारे तक लाए।
किनारे लाते समय पर्यटक बेसुध हो चुका था। विपिन ने तत्काल कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) शुरू किया, लेकिन एयरवेज ब्लॉक होने के कारण सांसें बहाल नहीं हो पा रही थीं। उन्होंने मुंह में हाथ डालकर एयरवेज खोलने का प्रयास किया और टीम के साथ करीब 15 मिनट तक सीपीआर जारी रखा। आखिरकार सांसें लौटीं और करीब 40 से 45 मिनट में पर्यटक की हालत सामान्य होने लगी।
इसके बाद 108 आपातकालीन सेवा को सूचना दी गई। एंबुलेंस पहुंचने पर पर्यटक स्वयं वाहन में बैठकर अस्पताल के लिए रवाना हो गया। जान बचने पर अविनाश के दोस्तों ने गाइडों का आभार जताया और विपिन की सूझबूझ व साहस की सराहना की।
दोस्त को बचाया, खुद बहने लगा अविनाश
थाना मुनि की रेती प्रभारी प्रदीप चौहान के अनुसार, अविनाश अपने पांच दोस्तों के साथ यूसुफ बीच पर घूमने गया था। गंगा में आचमन के दौरान एक दोस्त की चप्पल बहने लगी। उसे बचाने की कोशिश में दोस्त बहाव में फंस गया। अविनाश ने दोस्त को तो किसी तरह बचा लिया, लेकिन खुद गंगा के तेज प्रवाह में डूबने लगा—जिसे बाद में गाइडों की तत्परता से बचाया गया।
गाइडों को मिले सम्मान की मांग
गंगा नदी रीवर राफ्टिंग रोटेशन समिति के पूर्व अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कहा कि रीवर गाइड केवल रोमांच नहीं कराते, बल्कि संकट में जीवन रक्षक भी बनते हैं। ऐसे गाइडों को पर्यटन विभाग और रोटेशन समिति द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए।
क्या कहते हैं चिकित्सक
राजकीय उपजिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अमित रौतेला के अनुसार, अचेत और सांस न ले रहे व्यक्ति के लिए सीपीआर जीवन रक्षक होता है। समय पर सीपीआर मस्तिष्क क्षति को रोक सकता है और जीवित रहने की संभावना दो से तीन गुना तक बढ़ा देता है। दिमाग 4–5 मिनट ही बिना ऑक्सीजन के रह पाता है—जितनी जल्दी प्रयास, उतनी ज्यादा उम्मीद।
निष्कर्ष:
शिवपुरी में गाइड विपिन शर्मा की बहादुरी ने यह दिखा दिया कि आपदा की घड़ी में प्रशिक्षण, त्वरित निर्णय और मानवता मिलकर चमत्कार कर सकते हैं। उफनती गंगा में उनकी छलांग सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं, बल्कि जिम्मेदार पर्यटन और जीवन-रक्षा की मिसाल है—जिसे पहचान और सम्मान मिलना चाहिए।


