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देहरादून नगर निगम में आउटसोर्स कर्मियों पर गिरी गाज, 56 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी, प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल

देहरादून | 28 जनवरी 2026

देहरादून नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाने की तैयारी है। कार्य मूल्यांकन के बाद निगम प्रशासन ने 56 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संभावित कार्रवाई की सूचना मिलते ही नगर निगम परिसर में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।


नगर निगम में इस समय कुल 363 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें लगभग 140 सफाई कर्मचारी हैं, जबकि शेष डाटा एंट्री ऑपरेटर और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं। हालिया समीक्षा में यह सामने आया कि कई कर्मचारी या तो निगम के लिए उपयोगी नहीं हैं या फिर नगर निगम के बजाय अन्य कार्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं।


सूत्रों के मुताबिक हटाए जाने वाले 56 कर्मचारियों में से करीब 15 कर्मचारी भाजपा कार्यालय, सांसद कार्यालय, शहरी विकास निदेशालय और पूर्व नगर आयुक्त कार्यालय सहित अन्य स्थानों पर तैनात बताए जा रहे हैं। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने इन तैनातियों को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और संबंधित कार्यालयों ने भी ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया है। बावजूद इसके, लंबे समय से आउटसोर्स कर्मचारियों के कथित दुरुपयोग को लेकर चर्चाएं चलती रही हैं।


नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के कार्य का गहन मूल्यांकन किया गया है। इसमें कई कर्मचारी निगम के कार्यों के लिए अनुपयोगी पाए गए हैं, जिससे नगर निगम पर अनावश्यक आर्थिक भार पड़ रहा है। इसी को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या में कटौती पर विचार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले भी 90 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने की तैयारी की गई थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उस समय निर्णय अमल में नहीं आ सका था।


नगर निगम में प्रशासनिक फेरबदल, अधिकारियों को सौंपी गईं नई जिम्मेदारियां


नगर निगम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल भी किया गया है। नगर आयुक्त के आदेश पर जारी नए कार्य विभाजन के तहत हाल ही में अपर नगर आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने वाले आईएएस अधिकारी प्रवीण कुमार को कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।


अपर नगर आयुक्त प्रवीण कुमार को भूमि अनुभाग का प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही नगर निगम की भूमि एवं संपत्तियों का संरक्षण, अतिक्रमण हटाने और रोकने, नालियों, फुटपाथों और सार्वजनिक पथों पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण दायित्व भी उनके जिम्मे होंगे। वे स्वास्थ्य अनुभाग के कार्यों की निगरानी करेंगे और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सीएमओ पोर्टल, मानवाधिकार आयोग तथा सेवा का अधिकार अधिनियम से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के नोडल अधिकारी भी होंगे।


वहीं, उप नगर आयुक्त तनवीर सिंह मारवाह को स्वास्थ्य अनुभाग की कमान सौंपी गई है। उनके अधीन आपदा प्रबंधन, डेंगू नियंत्रण सेल, सभी वार्डों की सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान, डोर-टू-डोर कलेक्शन, वाहनों और संसाधनों की निगरानी, यूजर चार्ज की वसूली तथा नगर निगम वर्कशॉप और स्टोर से जुड़े कार्य रहेंगे।


इसके अलावा सहायक नगर आयुक्त रमेश सिंह रावत को पथ प्रकाश व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है, जबकि सहायक नगर आयुक्त विनय प्रताप सिंह को भूमि अनुभाग में वार्ड संख्या 51 से 100 तक की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें निगम की भूमि-संपत्तियों का संरक्षण, अतिक्रमण नियंत्रण, विज्ञापन टैक्स, शो टैक्स, पार्किंग, वेंडिंग जोन, न्यायालयीन प्रकरण और विभिन्न आयोगों से जुड़े मामलों का निस्तारण शामिल है।


निष्कर्ष:
देहरादून नगर निगम में एक ओर जहां आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी से असंतोष और अनिश्चितता का माहौल है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक जिम्मेदारियों के नए बंटवारे से व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह सख्ती और पुनर्गठन निगम की कार्यक्षमता बढ़ाने में कितना कारगर साबित होता है और प्रभावित कर्मचारियों के भविष्य को लेकर क्या समाधान निकलता है।

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