देहरादून | 30 जनवरी 2026
उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के भाई देवानंद पांडे और चार अन्य लोगों के खिलाफ जमीन हड़पने, धोखाधड़ी और धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई बाजपुर कोतवाली पुलिस द्वारा की गई है।
फर्जीवाड़े से जमीन कब्जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि देवानंद पांडे समेत अन्य आरोपियों ने कथित रूप से दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन पर अवैध कब्जा किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। प्रकरण सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विधायक ने डीजीपी से की मुलाकात
मामले के सामने आने के बाद भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात कर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में किसी भी तरह का पक्षपात न हो और सच्चाई जनता के सामने आए।
नार्को टेस्ट कराने का सुझाव
विधायक अरविंद पांडे ने इस मामले में एक कदम आगे बढ़ते हुए दोनों पक्षों का नार्को टेस्ट कराने का भी सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी और अनावश्यक आरोप-प्रत्यारोप पर विराम लगेगा।
‘परिवार दोषी निकला तो राजनीति छोड़ दूंगा’
अरविंद पांडे ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि वह स्वयं या उनका परिवार इस प्रकरण में दोषी पाया जाता है, तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और सच सामने आकर रहेगा।
पुलिस जांच जारी, आगे हो सकते हैं नए खुलासे
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दस्तावेजों व बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि साक्ष्य मिले तो आरोपियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
भाजपा विधायक के भाई पर दर्ज हुए इस मामले ने राज्य की राजनीति में ईमानदारी और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या आरोप सिद्ध होते हैं या मामला बेबुनियाद साबित होता है। आने वाले दिनों में यह प्रकरण उत्तराखंड की राजनीति में अहम मोड़ ला सकता है।


