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नाम बदलने की बढ़ती होड़: अंक ज्योतिष की सलाह से बढ़ा सरकारी कामकाज का बोझ

जन्म प्रमाणपत्र केंद्रों पर नाम संशोधन के आवेदनों में इजाफा

देहरादून | 02 फरवरी 2026

अंक ज्योतिष के बढ़ते प्रभाव ने अब सरकारी दफ्तरों की रफ्तार पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। ग्रहों की चाल और भाग्य को अनुकूल बनाने की चाह में अभिभावक अपने बच्चों के नामों में बदलाव करवा रहे हैं, जिससे जन्म प्रमाणपत्र केंद्रों पर काम का दबाव तेजी से बढ़ रहा है। खासकर 10 वर्ष तक की उम्र के बच्चों के नाम संशोधन के आवेदन लगातार सामने आ रहे हैं।


मूलांक–भाग्यांक के चक्कर में बदले जा रहे नाम

जानकारी के अनुसार, कई अभिभावक ज्योतिषियों की सलाह पर बच्चों के नाम के पहले या आखिरी अक्षर में बदलाव करवा रहे हैं। कहीं नाम के किसी अक्षर को दोगुना किया जा रहा है तो कहीं पूरा नाम ही बदलने के लिए आवेदन दिए जा रहे हैं। उनका मानना है कि नाम के अक्षरों में बदलाव से मूलांक और भाग्यांक बदल जाता है, जिससे भविष्य में सफलता के योग बढ़ते हैं।


जन्म प्रमाणपत्र से आधार तक बदल रहा नाम

यह प्रक्रिया अब सिर्फ जन्म प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रही है। नाम बदलने के बाद अभिभावकों को आधार कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य पहचान पत्रों में भी संशोधन कराना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ परिवारों की परेशानी बढ़ रही है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के लिए कागजी औपचारिकताएं भी कहीं अधिक जटिल हो गई हैं।


दून अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे आवेदन

दून अस्पताल के जन्म प्रमाणपत्र संवर्ग में हर दिन औसतन पांच लोग नाम संशोधन के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते काम के दबाव के कारण वर्तमान में करीब 100 जन्म प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं। हालात तब और मुश्किल हो जाते हैं, जब दिन में कई बार सर्वर की सुस्ती या ठप होने से काम रुक जाता है।


मामला–1: अलंकृता का नाम संशोधन

अलंकृता नाम की एक बच्ची के अभिभावक उसके नाम के अंग्रेजी अक्षरों में बदलाव करवाने पहुंचे। उन्होंने नाम के आखिरी अक्षर ‘A’ को दो बार जोड़ने का अनुरोध किया। अभिभावकों का कहना था कि अंक ज्योतिषी की सलाह के अनुसार अक्षर बढ़ाने से बच्ची का मूलांक और भाग्यांक बदल जाएगा।


मामला–2: नितेश से नितिश

एक अन्य मामले में नितेश नाम के लड़के के अभिभावकों ने नाम बदलकर ‘नितिश’ करने के लिए आवेदन दिया। ज्योतिषी की सलाह पर किया गया यह बदलाव भी ग्रह दशा सुधारने की उम्मीद से जुड़ा हुआ है।


ज्योतिषियों की दलील

वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य गौरा छाबड़ा के अनुसार,
“अंकशास्त्र में नाम के अक्षरों में परिवर्तन का विशेष महत्व है। इससे ग्रहों की दशा में सुधार आता है और व्यक्ति का मूलांक व भाग्यांक बदल जाता है।”


अस्पताल प्रशासन की स्थिति

दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट का कहना है,
“बड़ी संख्या में लोग नाम परिवर्तन के लिए आ रहे हैं। नियमानुसार सभी आवेदनों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है।”


निष्कर्ष

अंक ज्योतिष में बढ़ते विश्वास ने जहां लोगों को भविष्य सुधारने की उम्मीद दी है, वहीं सरकारी तंत्र पर अतिरिक्त बोझ भी डाल दिया है। नाम बदलने की यह प्रवृत्ति अगर इसी तरह बढ़ती रही, तो जन्म प्रमाणपत्र केंद्रों पर प्रतीक्षा अवधि और प्रशासनिक चुनौतियां दोनों ही और बढ़ सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग नाम परिवर्तन जैसे फैसले सोच-समझकर लें, ताकि आस्था और प्रशासन के बीच संतुलन बना रहे।

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