ऋषिकेश/रायवाला | 6 मार्च 2026
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही से लोगों में डर का माहौल बन गया है। बीती देर रात ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जंगल से निकलकर एक जंगली हथिनी ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास के पास पहुंच गई। हथिनी के मुख्य मार्ग पर घूमने से इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की सांसें थम गईं।
कोयल घाटी तिराहे के पास देर तक घूमती रही हथिनी
जानकारी के अनुसार देर रात जंगल से निकलकर हथिनी कोयल घाटी तिराहे के आसपास मुख्य सड़क पर घूमती रही। यह इलाका वीआईपी क्षेत्र माना जाता है और यहां कई सरकारी व निजी आवास मौजूद हैं। अचानक सड़क पर हथिनी के दिखाई देने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
वन विभाग ने यातायात रोककर किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग का यातायात भी रोक दिया गया। काफी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने हथिनी को वापस जंगल की ओर खदेड़ा। इस दौरान स्थानीय लोग दूर से ही पूरी घटना को देखते रहे।
रायवाला में गुलदार का आतंक, ग्राम प्रधान के घर घुसा
वहीं दूसरी ओर रायवाला क्षेत्र के चकजोगीवाला गांव में भी बीती रात गुलदार के आतंक की घटना सामने आई। बड़कोट रेंज से सटे इस गांव में ग्राम प्रधान मोहर सिंह असवाल के घर में गुलदार घुस गया और वहां मौजूद पालतू कुत्ते को अपना शिकार बना लिया।
सुबह आंगन में मिला अधखाया शव, CCTV में कैद हुई घटना
सुबह जब घर के लोग जागे तो उन्होंने आंगन में कुत्ते का अधखाया शव पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। बताया जा रहा है कि गुलदार के घर में घुसने और शिकार करने की पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है।
लंबे समय से बढ़ रही है गुलदार की आवाजाही
स्थानीय लोगों के अनुसार देहरादून वन प्रभाग की बड़कोट रेंज और राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे मशरूम फैक्ट्री मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में काफी समय से गुलदार की आवाजाही बढ़ गई है। वह अक्सर आबादी वाले इलाकों में आकर पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में गुलदारों की संख्या बढ़ने से जान-माल का खतरा लगातार बना हुआ है और कई बार उनके वीडियो भी सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुके हैं।
निष्कर्ष
ऋषिकेश और रायवाला क्षेत्र में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के आसपास बढ़ती आबादी और मानव हस्तक्षेप के कारण वन्यजीव आबादी क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। ऐसे में वन विभाग के सामने चुनौती है कि वह मानव और वन्यजीव के बीच बढ़ते टकराव को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।


