देहरादून | 13 मार्च 2026
उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए नई रणनीति तैयार की है। पार्टी ने इसके लिए ‘कीर्तन-नवरात्र प्लान’ बनाया है, जिसके तहत प्रदेशभर में मंडल स्तर तक महिलाओं से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी भाजपा महिला मोर्चा को सौंपी गई है, जो विभिन्न धार्मिक और पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं के बीच सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को पहुंचाने का काम करेगी।
कीर्तन मंडली से लेकर नवरात्र तक विशेष कार्यक्रम
भाजपा की योजना के अनुसार प्रदेशभर में कीर्तन मंडलियों के आयोजन में महिला मोर्चा सक्रिय भागीदारी निभाएगा। इन आयोजनों में महिलाएं भजन-कीर्तन में शामिल होने के साथ-साथ सरकार की योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगी।
इसी तरह नवरात्र पर्व के दौरान हर दिन अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ा जाएगा। पार्टी का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं के साथ संवाद स्थापित करना अधिक प्रभावी साबित होगा।
हरियाली तीज जैसे त्योहारों पर भी फोकस
भाजपा ने अपने इस अभियान में हरियाली तीज जैसे पारंपरिक त्योहारों को भी शामिल किया है। इन अवसरों पर महिला मोर्चा की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने का प्रयास होगा।
ये सभी कार्यक्रम राज्य, जिला और मंडल स्तर तक आयोजित किए जाएंगे, ताकि गांव और शहर दोनों क्षेत्रों की महिलाओं तक पार्टी की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
महिला मतदाताओं की संख्या पर खास नजर
राजनीतिक दृष्टि से उत्तराखंड में महिला मतदाताओं की संख्या काफी अहम मानी जाती है। जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 84,29,459 मतदाताओं में से 40,64,488 महिला मतदाता हैं।
पिछले 2022 विधानसभा चुनाव में भी महिला मतदाताओं ने भाजपा को बड़ी जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि पार्टी अब आगामी चुनाव को देखते हुए महिलाओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
बजट में भी महिलाओं के लिए बढ़ाया गया प्रावधान
भाजपा का कहना है कि राज्य सरकार महिलाओं के विकास और सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में पेश किए गए बजट में भी महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए जेंडर बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
पिछले वित्तीय वर्ष में धामी सरकार ने 2423 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 16,961.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। वहीं इस वर्ष इसमें 2730 करोड़ रुपये की और वृद्धि कर इसे 19,692.02 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया है।
इस बजट में महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े कई प्रावधान शामिल किए गए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला मोर्चा को त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की पदाधिकारी मंडल स्तर तक इन आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी, ताकि सरकार द्वारा किए गए कल्याणकारी कार्यों और योजनाओं की सही जानकारी प्रदेश की महिलाओं तक पहुंच सके।
निष्कर्ष
उत्तराखंड की राजनीति में महिला मतदाता एक निर्णायक भूमिका निभाती हैं। ऐसे में भाजपा का कीर्तन-नवरात्र प्लान सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने की रणनीति भी माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पहल से पार्टी को महिला मतदाताओं के बीच कितना राजनीतिक लाभ मिलता है।


