देहरादून | 13 मार्च 2026
राजधानी देहरादून में निर्माणाधीन भंडारी बाग रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) एक ओर जहां शहर की ट्रैफिक समस्या का समाधान माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके निर्माण कार्य ने स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। सर्विस रोड और नाले के निर्माण के दौरान की गई खोदाई के कारण कई घरों और सड़क के बीच खतरनाक गड्ढे और ऊंचाई का अंतर बन गया है, जिससे लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन बिना सुरक्षा और व्यवस्था के किए जा रहे निर्माण से आम नागरिकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है।
घर से सड़क तक पहुंचना भी बन गया चुनौती
भंडारी बाग और रेस्ट कैंप क्षेत्र में आरओबी निर्माण के कारण सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह खोदाई होने से सड़कें ऊबड़-खाबड़ हो गई हैं और कई स्थानों पर घरों के बाहर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनसे होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा है।
नाले के निर्माण के लिए खोदी गई जगहों पर लोहे की सरिया खुले छोड़ दिए गए हैं, जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। कई घरों के बाहर से सड़क तक पहुंचने के लिए सिर्फ पतली लोहे की जाली या पाइप रखे गए हैं, जिन पर चलना बेहद जोखिम भरा है।
कुछ घरों के सामने तो अस्थायी रैंप तक नहीं बनाए गए, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
दुकानों पर भी पड़ा असर
निर्माण कार्य के चलते क्षेत्र की करीब आधा दर्जन दुकानों तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले करीब एक महीने से दुकानें बंद पड़ी हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने काम के दौरान सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा का ध्यान नहीं रखा, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
रेस्ट कैंप निवासी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि उनके घर के बाहर अस्थायी रैंप तक नहीं बनाया गया है। उन्हें गड्ढे में उतरकर बाहर आना पड़ता है और नीचे नाले में खुले सरिया पड़े हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है।
वहीं विमला देवी ने बताया कि उनके घुटनों में दर्द रहता है और घर से बाहर निकलने के लिए सिर्फ पतली लोहे की जाली लगाई गई है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द नाला निर्माण पूरा कर व्यवस्था ठीक की जाए।
स्थानीय निवासी अतुल जैन का कहना है कि किसी भी बड़ी परियोजना का निर्माण समयबद्ध तरीके से होना चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक खोदाई रहने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
रेलवे लाइन के ऊपर बन रहा लोहे का ढांचा
लोक निर्माण विभाग ने अगस्त 2025 में निर्माण कंपनी के साथ नया अनुबंध कर काम में तेजी लाने के लिए चरणबद्ध लक्ष्य तय किए थे। योजना के अनुसार तीन महीने में 25 प्रतिशत, छह महीने में 50 प्रतिशत, नौ महीने में 75 प्रतिशत और 12 महीने में पूरा कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
हालांकि रेलवे लाइन के ऊपर पुल के लोहे के ढांचे को खड़ा करने की प्रक्रिया में देरी होने के कारण शुरुआती चरण की प्रगति उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई।
2013 में देखा गया सपना, 2021 में हुआ शिलान्यास
भंडारी बाग आरओबी परियोजना का विचार पहली बार 2013 में सामने आया था, लेकिन इसका शिलान्यास 2021 में किया जा सका। इसके बाद भी निर्माण कार्य की रफ्तार शुरू से ही धीमी रही।
परियोजना की मार्च 2023 और मार्च 2024 की दो समय-सीमाएं पहले ही पार हो चुकी हैं। अभी तक पुल का ढांचा केवल भंडारी बाग की ओर तैयार हुआ है, जबकि रेसकोर्स की तरफ अभी पिलर ही खड़े हैं।
समन्वय की कमी से बढ़ी देरी
परियोजना का निर्माण पहले इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड (EPIL) को सौंपा गया था। लेकिन विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्य की गति प्रभावित हुई।
रेलवे लाइन के ऊपर पुल जोड़ने का काम रेलवे को करना था, जिसके लिए डिजाइन और अनुमति लेने में ही करीब दो साल का समय लग गया। बाद में निर्माण एजेंसी को बदलना पड़ा, तब जाकर काम में कुछ तेजी आई।
परियोजना की मुख्य जानकारी
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कुल लंबाई – लगभग 578 मीटर
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कुल लागत – 43 करोड़ रुपये
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मूल लागत – 33.62 करोड़ रुपये
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यूटिलिटी शिफ्टिंग – 10 करोड़ रुपये
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अब तक खर्च – 17 करोड़ रुपये
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शेष राशि – 16 करोड़ रुपये
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बढ़ी हुई लागत – 12.5 करोड़ रुपये
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कार्य प्रगति – करीब 65 प्रतिशत
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संभावित लक्ष्य – अगस्त 2026
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अहम परियोजना
यह रेलवे ओवरब्रिज भंडारी बाग से रेसकोर्स चौक तक बनाया जा रहा है। इसके बनने से सहारनपुर रोड से प्रिंस चौक और हरिद्वार रोड की ओर जाने वाले वाहनों को एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।
इसके अलावा आढ़त बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही गांधी रोड, कारगी चौक और देहराखास क्षेत्र के वाहनों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण साबित होगा।
निष्कर्ष
भंडारी बाग आरओबी परियोजना भविष्य में देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य की धीमी गति और अव्यवस्थित व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सुविधा का भी विशेष ध्यान रखें, ताकि विकास कार्य लोगों के लिए राहत का कारण बने, परेशानी का नहीं।


