देहरादून | 14 मार्च 2026
देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र स्थित पंजाबी कॉलोनी में किराएदारों के बीच हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि ऊपरी मंजिल में रहने वाले किराएदारों ने करीब 45 से 50 युवकों के साथ मिलकर नीचे रहने वाले परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और चाकू व डंडों से हमला कर दिया, जिसमें एक महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मामूली कहासुनी से बढ़ा विवाद
पुलिस को दी तहरीर में पंजाबी कॉलोनी निवासी रूबी कुरैशी ने बताया कि यह घटना 9 मार्च की रात की है। उस समय वे अपने घर में बैठे हुए थे, तभी अरशद नामक युवक कुछ अन्य युवकों के साथ ऊपरी मंजिल की ओर जा रहा था।
रूबी के छोटे भाई ने उनसे पूछ लिया कि वे ऊपर किसके यहां जा रहे हैं। इसी बात को लेकर अरशद भड़क गया और गाली-गलौच करने लगा। मामला बढ़ता देख परिवार ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
पुलिस चौकी जाने के दौरान हुआ हमला
शिकायतकर्ता के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चौकी बुलाया। जब वे पुलिस चौकी पहुंचे, तभी फोन आया कि अरशद अपने साथ 45–50 युवकों को लेकर घर पर हमला कर रहा है और वहां तोड़फोड़ की जा रही है।
चाकू और डंडों से हमला, चार घायल
परिवार के सदस्य जैसे ही घर पहुंचे, आरोपितों ने उन पर चाकू और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में रूबी कुरैशी, अब्बास, उनकी मां और रहिश कुरैशी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन आरोप है कि वहां भी हमलावरों ने पहुंचकर हंगामा किया और एक महिला को थप्पड़ मार दिया।
छह नामजद समेत 45 अन्य के खिलाफ मुकदमा
पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने मामले में अरशद, आरिफ, मोनिस, आसिफ, अहमद उर्फ भवानी और उजैर समेत अन्य अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि कुल छह आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 45 अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
निष्कर्ष
देहरादून की पंजाबी कॉलोनी में किराएदारों के बीच हुआ यह विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


