स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 17 मार्च 2026
देहरादून पुलिस ने शहर में चल रहे एक बड़े अनैतिक देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अहम कार्रवाई की है। कोतवाली कैंट क्षेत्र में की गई इस छापेमारी में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
गोपनीय सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही उनके निर्देश पर क्षेत्राधिकारी मसूरी के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया।
16 मार्च की रात टीम ने गांधी नगर स्थित रघुनाथ मंदिर के पास एक मकान में अचानक छापा मारा, जहां देह व्यापार संचालित होने की पुष्टि हुई।
छापेमारी में आपत्तिजनक स्थिति में मिले लोग
पुलिस की रेड के दौरान घर के अंदर तीन महिलाएं और दो पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रानी देवी, आशीष कुमार पांडे और फुलो खान को गिरफ्तार कर लिया।
नौकरी का झांसा देकर फंसाई जाती थीं महिलाएं
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मकान मालिक रानी देवी अपने साथी आशीष पांडे के साथ मिलकर इस अवैध धंधे का संचालन कर रही थी।
आरोपी बाहरी राज्यों से महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर देहरादून बुलाते थे और फिर उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें देह व्यापार में धकेल देते थे।
व्हाट्सएप के जरिए चलता था नेटवर्क
गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से महिलाओं की तस्वीरें ग्राहकों को भेजते थे और फोन पर ही रेट तथा मिलने की जगह तय की जाती थी।
आशीष पांडे महिलाओं को ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करता था और इसके बदले मोटा कमीशन वसूलता था।
पीड़ित महिलाओं का रेस्क्यू, आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं को मुक्त कराया है, जिन्हें आवश्यक सहायता और संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
निष्कर्ष
देहरादून पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर में सक्रिय मानव तस्करी और देह व्यापार के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। यह मामला न केवल अपराध की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि समाज में जागरूकता और सख्त कानून व्यवस्था की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


