देहरादून | 20 मार्च 2026 (शुक्रवार)
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अचानक मोबाइल फोन पर आए चेतावनी संदेश ने लोगों के बीच हलचल और चिंता दोनों बढ़ा दी है।
इन जिलों में तेज बारिश और तूफान की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को तेज बारिश, बर्फबारी और आंधी-तूफान की संभावना है।
हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, निचले क्षेत्रों में बारिश
जारी अलर्ट के मुताबिक, 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो सकती है। वहीं निचले इलाकों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है।
इसके अलावा चंपावत समेत कई जिलों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मोबाइल पर आया अलर्ट, लोगों में बढ़ी जिज्ञासा
शुक्रवार दोपहर करीब 3:53 बजे अचानक लोगों के मोबाइल पर एक चेतावनी संदेश (सेल ब्रॉडकास्ट) आया, जिसमें संभावित मौसम बदलाव की जानकारी दी गई थी।
इस संदेश को देखकर लोग हैरान रह गए और कई लोगों ने इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा कर जानकारी लेने की कोशिश की।
टेस्ट मैसेज था अलर्ट, सिस्टम की जांच के लिए किया प्रसारण
अधिकारियों के अनुसार, यह संदेश एक “प्रेसिडेंशियल अलर्ट” के रूप में परीक्षण (टेस्ट) के तौर पर भेजा गया था। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन और चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता को परखना था, ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति में समय रहते सूचना दी जा सके।
लोगों को सतर्क रहने और यात्रा टालने की सलाह
विशेषज्ञों ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष: बदलते मौसम के बीच सतर्कता ही सुरक्षा
उत्तराखंड में लगातार बदलते मौसम और बढ़ते जोखिम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियां बेहद महत्वपूर्ण हो गई हैं।
ऐसे में आम जनता के लिए जरूरी है कि वे अफवाहों से बचें, आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सतर्कता और तैयारी ही संभावित आपदाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।


