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चमोली में नकली ज्वैलरी रैकेट का पर्दाफाश: फर्जी हॉलमार्क लगाकर बेचते थे गहने, दो आरोपी गिरफ्तार

चमोली (ज्योतिर्मठ) | दिनांक: 22 मार्च 2026

उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस ने एक संगठित ठगी गिरोह का खुलासा किया है, जो नकली गहनों पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर उन्हें असली बताकर बेच रहा था। इस मामले में पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हॉलमार्किंग मशीन और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं।


गिरवी रखे गहनों से खुला फर्जीवाड़े का राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब ज्योतिर्मठ क्षेत्र की रहने वाली लवली रावत ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में उन्होंने अपनी नथ और झुमके 40 हजार रुपये में प्रतिमाह 2 हजार रुपये ब्याज पर अपर बाजार स्थित आदय ज्वैलर्स के संचालक बंटी कुमार के पास गिरवी रखे थे।

नवंबर में रकम चुकाने के बाद दिसंबर में जब उन्होंने अपने गहने वापस लिए और पहने, तो आसपास के लोगों ने उनकी गुणवत्ता पर संदेह जताया।


जांच में निकले नकली गहने, हॉलमार्क भी फर्जी

शक होने पर लवली रावत ने गहनों को अन्य ज्वैलर्स के पास जांच के लिए दिखाया, जहां पता चला कि नथ और झुमके नकली हैं। इतना ही नहीं, उन पर जो हॉलमार्क लगा था, वह भी फर्जी तरीके से लगाया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली ज्योतिर्मठ पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।


मुख्य आरोपी ने कबूला जुर्म

पुलिस ने आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने असली गहनों के बदले नकली गहने तैयार करवाकर उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर ग्राहक को लौटा दिया।

उसके कब्जे से नकली दो नथ और दो झुमके बरामद कर सील किए गए हैं।


कर्णप्रयाग से दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार

पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा हुआ। बंटी कुमार ने बताया कि कर्णप्रयाग निवासी पंकज कुमार प्रभु कम कैरेट के गहनों पर फर्जी 20 कैरेट की मोहर लगाकर उन्हें असली जैसा बनाता था।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कर्णप्रयाग में छापेमारी कर पंकज कुमार प्रभु को बाजार से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से बिना लाइसेंस की हॉलमार्क मशीन और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए।


पुलिस कर रही नेटवर्क की गहन जांच

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से इस तरह की धोखाधड़ी में लिप्त हो सकता है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।


निष्कर्ष

यह मामला दर्शाता है कि बाजार में नकली गहनों का कारोबार किस तरह सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। ग्राहकों को गहने खरीदते समय सतर्क रहना चाहिए और प्रमाणित ज्वैलर्स से ही खरीदारी करनी चाहिए। हॉलमार्क की जांच के साथ-साथ विश्वसनीयता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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