स्थान: देहरादून
तारीख: 19 अप्रैल 2026
देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में रविवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने शिरकत कर कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि देश आज जिन वीरों की कुर्बानियों के कारण आज़ाद है, उनके विचारों और आदर्शों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और देश की मूल भावना को आघात पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज देशवासी जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है, लेकिन दुर्भाग्यवश वर्तमान नीतियां शहीदों के सपनों के भारत को कमजोर कर रही हैं। कांग्रेस की विचारधारा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलती आई है।
गणेश गोदियाल ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के बताए मार्ग पर चलते हुए अन्याय, अत्याचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान संगठन को सशक्त बनाने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों के सम्मान की रक्षा करने और उनके अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया। प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस मौके पर प्रकोष्ठ के महामंत्री अवधेश पन्त ने मांग उठाई कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को प्राथमिकता दी जाए और उनकी जायज मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया जाए।
निष्कर्ष:
बैठक के माध्यम से कांग्रेस ने एक बार फिर स्वतंत्रता सेनानियों के मुद्दे को केंद्र में लाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। साथ ही आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का स्पष्ट संदेश दिया गया।


