BREAKING

चारधाम यात्रा के बीच देहरादून में सीएनजी संकट गहराया, टैंकरों के भरोसे चल रही आपूर्ति; स्टेशनों पर लग रही लंबी कतारें

अधूरी पाइपलाइन परियोजना बनी परेशानी का कारण, पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों को घंटों करना पड़ रहा इंतजार

देहरादून | 21 जून 2026

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन अपने चरम पर है, लेकिन इसी बीच राजधानी देहरादून में सीएनजी आपूर्ति व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। शहर में बड़ी संख्या में सीएनजी वाहनों की मौजूदगी और यात्रियों की बढ़ती आवाजाही के बीच गैस की उपलब्धता को लेकर समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

स्थिति यह है कि कई सीएनजी फिलिंग स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और कई बार गैस समाप्त होने के कारण पंपों पर अस्थायी रूप से संचालन भी रोकना पड़ रहा है। इसका सीधा असर स्थानीय वाहन चालकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा और पर्यटन के लिए उत्तराखंड पहुंचे लोगों पर भी पड़ रहा है।


विशेषज्ञों के अनुसार समस्या की मुख्य वजह गेल गैस लिमिटेड का अधूरा पाइपलाइन नेटवर्क है। शहर में सीएनजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिस गैस पाइपलाइन व्यवस्था का निर्माण किया जाना था, उसका महत्वपूर्ण हिस्सा अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

इसके चलते जिले के अधिकांश सीएनजी स्टेशन आज भी कैस्केड टैंकरों के माध्यम से गैस आपूर्ति पर निर्भर हैं। जब तक टैंकरों में गैस उपलब्ध रहती है, तब तक स्टेशन सामान्य रूप से संचालित होते हैं, लेकिन गैस समाप्त होते ही आपूर्ति बाधित हो जाती है और उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ता है।


वर्तमान में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में कुल 15 सीएनजी फिलिंग स्टेशन संचालित हो रहे हैं। इनमें से केवल पांच स्टेशन ही सीधे पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, जबकि शेष 11 स्टेशन टैंकर आधारित आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर हैं।

प्रत्यक्ष पाइपलाइन से जुड़े स्टेशनों में सहारनपुर मार्ग स्थित ट्रांसपोर्ट नगर और देशपाल फिलिंग स्टेशन, हरिद्वार रोड का मोहकमपुर स्टेशन तथा शिमला बाईपास स्थित बांके बिहारी स्टेशन प्रमुख हैं। इन स्टेशनों पर गैस की आपूर्ति अपेक्षाकृत सुचारू बनी रहती है, जिसके कारण अधिकांश वाहन चालक इन्हीं केंद्रों की ओर रुख करते हैं।


परिणामस्वरूप इन चुनिंदा स्टेशनों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। स्थानीय टैक्सी चालक, ऑटो संचालक, निजी वाहन मालिक और बाहरी राज्यों से आए पर्यटक कई-कई घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से चारधाम यात्रा या पर्यटन के लिए आए अनेक वाहन चालक भी सीएनजी उपलब्ध कराने वाले स्टेशनों पर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। सामान्य परिस्थितियों में कुछ मिनटों में पूरी होने वाली रीफिलिंग प्रक्रिया अब कई बार घंटों का समय ले रही है।


गेल गैस लिमिटेड को वर्ष 2031 तक देहरादून जिले में कुल 50 सीएनजी फिलिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए शहर में लगभग 150 किलोमीटर लंबा स्टील पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

पहले चरण में 50 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी, जिसमें से लगभग 32 किलोमीटर कार्य पूरा कर गैस आपूर्ति शुरू कर दी गई है। हालांकि शेष 18 किलोमीटर पाइपलाइन का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है, जिससे पूरी परियोजना प्रभावित हो रही है।


जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा पाइपलाइन बिछाने के लिए दी गई विशेष अनुमति की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके चलते सड़क खुदाई और पाइपलाइन विस्तार का कार्य फिलहाल रुका हुआ है।

गेल गैस लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि अधूरी पाइपलाइन परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रशासन से पुनः अनुमति मांगी जाएगी। इसके लिए सोमवार को जिला प्रशासन और कंपनी अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।


गेल गैस लिमिटेड के जनरल मैनेजर अंबुज गौतम ने बताया कि वर्तमान में पांच प्रमुख सीएनजी स्टेशनों को सीधे पाइपलाइन से जोड़ा गया है, जहां नियमित आपूर्ति जारी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आईएसबीटी स्थित सीएनजी स्टेशन को भी ऑनलाइन नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा, जिससे शहर में आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद शेष पाइपलाइन कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा और भविष्य में सीएनजी उपभोक्ताओं को वर्तमान जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।


पर्यटन और परिवहन क्षेत्र पर पड़ रहा असर

चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि होने के कारण सीएनजी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो जाती है। ऐसे में आपूर्ति व्यवस्था में थोड़ी सी भी बाधा परिवहन सेवाओं और पर्यटन गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

व्यवसायियों और वाहन संचालकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।


निष्कर्ष

चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के बीच देहरादून में सीएनजी आपूर्ति व्यवस्था अधूरी पाइपलाइन परियोजना के कारण दबाव में है। अधिकांश स्टेशन टैंकरों पर निर्भर होने से वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासन और गेल गैस लिमिटेड अब शेष पाइपलाइन कार्य को पूरा करने की दिशा में प्रयासरत हैं। यदि लंबित 18 किलोमीटर पाइपलाइन का कार्य शीघ्र पूरा हो जाता है, तो भविष्य में शहर को अधिक सुचारू और निर्बाध सीएनजी आपूर्ति मिल सकेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *