स्थान: देहरादून/मसूरी, उत्तराखंड | तारीख: 30 अप्रैल 2026
उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बादलों ने डेरा डाल दिया है और कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि का दौर जारी है। इस बदलाव ने अप्रैल के अंतिम दिनों में ही ठंड का अहसास बढ़ा दिया है।
देहरादून में दिन के समय अचानक मौसम बदला और आसमान पर काले बादल छा गए। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
वहीं मसूरी में सुबह मौसम साफ और धूप खिली हुई थी, लेकिन दोपहर होते-होते मौसम ने तेजी से करवट ली। करीब दो बजे बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में तेज बारिश और ओलावृष्टि में बदल गई। देखते ही देखते मसूरी की पहाड़ियां ओलों की सफेद चादर से ढक गईं।
ओलावृष्टि और बारिश के कारण मसूरी का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। अप्रैल के आखिरी दिनों में दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड महसूस होने लगी, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों हैरान नजर आए।
मौसम का असर सिर्फ देहरादून और मसूरी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि बदरीनाथ, नई टिहरी और पौड़ी जैसे अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भी दोपहर के बाद बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे पूरे राज्य में ठंडक बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा कर रहे लोगों और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। अचानक बदलते मौसम के चलते भूस्खलन और अन्य जोखिमों की संभावना भी बढ़ सकती है।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड में मौसम का यह अचानक बदलाव जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं ठंड और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित भी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्कता बरतना जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।


