राहुल गांधी का पीए बनकर 25 लाख की ठगी करने वाले आरोपी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा खुलासा, बोले— “पुलिस सब सच सामने लाए”
देहरादून | 5 मई 2026
उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल ठगी कांड ने हलचल मचा दी है। खुद को राहुल गांधी का निजी सहायक (PA) बताकर लोगों को ठगने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भावुक प्रतिक्रिया दी और कई गंभीर आरोप भी लगाए।
25 लाख की ठगी, टिकट दिलाने का झांसा
देहरादून पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी ने भावना पांडेय नाम की महिला को कांग्रेस का टिकट दिलाने का झांसा देकर करीब 25 लाख रुपए की ठगी की। आरोपी ने खुद को राहुल गांधी का पीए बताते हुए महिला से संपर्क साधा और राजनीतिक पहुंच का भरोसा दिलाकर कई किश्तों में रकम ऐंठ ली। जब तक पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
गोदियाल को भी आया था ठग का फोन
इस मामले पर जब मीडिया ने गणेश गोदियाल से सवाल किया, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उसी ठग ने उन्हें भी फोन किया था और दावा किया था कि उनकी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी जल्द ही जाने वाली है। शुरुआत में उन्हें भी कुछ पल के लिए उस व्यक्ति की बातों पर भरोसा हुआ, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हो गया कि यह एक फर्जी कॉल है।
“सेटलमेंट नहीं करूंगा, चाहे पद से हटा दें”
गोदियाल ने कहा कि जब ठग ने किसी अन्य व्यक्ति का नाम लेकर ‘सेटलमेंट’ की बात की, तभी उन्हें उस पर शक हुआ। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैंने उस व्यक्ति से कहा कि अगर आपको मुझे हटवाना है तो आज ही हटवा दें, लेकिन मैं कोई सेटलमेंट नहीं करूंगा, क्योंकि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है।”
साजिशों का जिक्र कर हुए भावुक
बातचीत के दौरान गणेश गोदियाल अचानक भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से उन्हें लगातार यह संकेत मिल रहे थे कि उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। इस घटनाक्रम के बाद वे कई रातों तक सो नहीं पाए और मानसिक रूप से काफी परेशान रहे।
उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्हें साजिश की भनक लगी, उसी दिन उन्होंने ईश्वर को याद किया और पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंतन करते रहे।
पुलिस की जांच पर भी उठाए सवाल
गोदियाल ने उत्तराखंड पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ में जो नाम सामने आए हैं, उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की संलिप्तता है, किन लोगों को ठगा गया है और इसके पीछे असली मकसद क्या था—इन सभी तथ्यों को उजागर किया जाना जरूरी है।
निष्कर्ष:
देहरादून का यह ठगी कांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसके तार राजनीतिक हलकों तक पहुंचते नजर आ रहे हैं। गणेश गोदियाल के भावुक बयान और साजिशों के आरोपों ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि वह इस पूरे नेटवर्क का कितना बड़ा खुलासा कर पाती है और सच्चाई कब तक जनता के सामने आती है।


