प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपनाने पर उपभोक्ताओं को राहत, बैलेंस खत्म होने पर भी मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
देहरादून | 5 मई 2026
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को कई बड़ी राहतें देने का ऐलान किया है। अब स्मार्ट मीटर उपयोग करने वालों को न केवल बिजली बिल में छूट मिलेगी, बल्कि बैलेंस खत्म होने की स्थिति में भी तत्काल बिजली कटौती नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य इस नई तकनीक को आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाना है।
अब तक बेहद धीमी रही रफ्तार
राज्य में करीब 30 लाख बिजली कनेक्शनों के मुकाबले अभी तक सिर्फ लगभग 1500 प्रीपेड स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं। इस धीमी प्रगति को देखते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए नई सुविधाओं और ऑफर्स की शुरुआत की है।
पहला ऑफर: बिल पर 4% की छूट
सरकार ने घोषणा की है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को उनके कुल बिजली बिल पर 4 प्रतिशत की सीधी छूट दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिलेगा और वे इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
दूसरा ऑफर: रात में नहीं कटेगी बिजली
सबसे बड़ी राहत यह दी गई है कि यदि प्रीपेड मीटर का बैलेंस खत्म हो जाता है, तब भी शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। इसके अलावा रविवार, महीने के दूसरे शनिवार और अन्य सरकारी अवकाश के दिन भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, भले ही बैलेंस शून्य या नकारात्मक हो।
तीसरा ऑफर: बैलेंस खत्म होने पर भी मिलेगी सुविधा
एक किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को बैलेंस समाप्त होने के बाद भी 30 दिनों तक बिजली मिलती रहेगी। वहीं, दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को 200 रुपये तक का नेगेटिव बैलेंस (इमरजेंसी पावर) दिया जाएगा। यानी जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता बिजली उधार भी ले सकेंगे, जिसकी राशि अगले रिचार्ज में स्वतः समायोजित हो जाएगी।
बिजली कटौती से पहले मिलेगा अलर्ट
सरकार ने यह भी तय किया है कि अब बिना सूचना के बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। उपभोक्ताओं को कम से कम पांच एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे, ताकि वे समय रहते रिचार्ज कर सकें और असुविधा से बच सकें।
फिलहाल सीमित स्तर पर लागू योजना
अभी राज्य में प्रीपेड स्मार्ट मीटर मुख्य रूप से सरकारी कार्यालयों और विभागीय भवनों में लगाए जा रहे हैं। कुछ शहरी क्षेत्रों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। नए बिजली कनेक्शनों में भी अब सीधे स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि कुछ उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से इसे अपनाया है।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए ये ऑफर उपभोक्ताओं के लिए राहत और सुविधा दोनों लेकर आए हैं। बिल में छूट, बिजली कटौती में राहत और इमरजेंसी पावर जैसी सुविधाएं इस तकनीक को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर सकती हैं। आने वाले समय में यदि इन योजनाओं का सही क्रियान्वयन होता है, तो राज्य में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था तेजी से विस्तार पा सकती है।


