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सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों का हंगामा

रुद्रपुर जिला अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप, CMO ने गठित की चार सदस्यीय जांच समिति

रुद्रपुर, उधम सिंह नगर | 7 मई 2026

उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि समय पर ऑक्सीजन और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके चलते महिला की जान चली गई।


जानकारी के अनुसार सिंह कॉलोनी निवासी ज्योति पांडे पत्नी सौरव मिश्रा को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन डिलीवरी के कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद नहीं था। महिला की हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं मिला और ऑक्सीजन की व्यवस्था भी देर से की गई। उनका कहना है कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली के कारण ज्योति की मौत हुई।


घटना के बाद अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि जिला अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी और अव्यवस्था बनी हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।


मामले की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी संजय ठुकराल भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक समय पर नहीं मिल पा रही हैं।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन जैसी आवश्यक सुविधा में देरी होना बेहद गंभीर मामला है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।


घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने तत्काल चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित कर लिया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को सौंपी गई है। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन रुद्रपुर जिला अस्पताल की यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर फिर से सवाल खड़े कर रही है।


निष्कर्ष

रुद्रपुर जिला अस्पताल में महिला की मौत ने सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। यदि परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला चिकित्सा लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन सकता है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

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