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उत्तराखंड STF की बड़ी कार्रवाई, धोखाधड़ी और लूट के दो इनामी बदमाश गिरफ्तार, वर्षों से पुलिस को दे रहे थे चकमा

देहरादून | 7 मई 2026

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी करोड़ों की आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में वांछित था, जबकि दूसरा राजस्थान में लूट और अपहरण की वारदात को अंजाम देने के बाद पिछले 12 वर्षों से फरार चल रहा था।

एसटीएफ की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से कई राज्यों की पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।


सात साल से फरार 50 हजार का इनामी आरोपी आगरा से गिरफ्तार

पहले मामले में उत्तराखंड एसटीएफ, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और सीबीसीआईडी की संयुक्त टीम ने 50 हजार रुपए के इनामी आरोपी देवेंद्र प्रकाश तिवारी को आगरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी हरिद्वार के चर्चित धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहा था।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में ज्वालापुर स्थित धेनु एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड पर स्थानीय लोगों से आरडी और फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने का आरोप लगा था। मामले में कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।


निवेश के नाम पर लोगों से ठगे गए लाखों रुपए

पुलिस जांच में सामने आया था कि कंपनी ने लोगों को निवेश पर अच्छा लाभ देने का झांसा देकर अलग-अलग बॉन्ड और सर्टिफिकेट जारी किए थे। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों से धनराशि जमा कराई गई और बाद में रकम वापस नहीं की गई।

मामले में कंपनी संचालकों अनिल कुमार तिवारी और देवेंद्र प्रकाश तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, निक्षेपक हित अधिनियम, चिट फंड एक्ट और रिजर्व बैंक अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस पूरे मामले की जांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) और सीआईडी देहरादून द्वारा की जा रही है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इनमें से अनिल कुमार तिवारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि देवेंद्र प्रकाश तिवारी पिछले सात वर्षों से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था।


आगरा में STF ने की घेराबंदी, ऐसे दबोचा आरोपी

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के आगरा में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उत्तराखंड एसटीएफ, यूपी एसटीएफ और सीबीसीआईडी की संयुक्त टीम ने आगरा में घेराबंदी कर सुनियोजित तरीके से कार्रवाई की।

काफी समय से फरार चल रहे देवेंद्र प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर हरिद्वार लाया गया, जहां उसे कोतवाली ज्वालापुर में दाखिल कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


12 साल से फरार लूट का आरोपी देहरादून से गिरफ्तार

दूसरे मामले में उत्तराखंड एसटीएफ ने राजस्थान पुलिस के लिए बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 हजार रुपए के इनामी अपराधी देवेश मौर्या को देहरादून से गिरफ्तार किया है।

बताया गया कि वर्ष 2014 में राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर एक व्यक्ति को एलआईसी एजेंट बनकर फोन किया और मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद आरोपी ने रिवॉल्वर दिखाकर उसका अपहरण किया और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।

घटना के बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।


सिक्योरिटी गार्ड बनकर देहरादून में छिपा था आरोपी

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी देवेश मौर्या देहरादून के वसंत विहार इलाके में एक सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड की नौकरी कर रहा है। जांच में पुष्टि होने के बाद एसटीएफ टीम ने 7 मई को कैंट थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद लगातार पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था और पिछले 12 वर्षों से गिरफ्तारी से बचता आ रहा था।

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को राजस्थान पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।


निष्कर्ष

उत्तराखंड एसटीएफ की लगातार कार्रवाई से साफ है कि फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। चाहे आर्थिक अपराध हो या संगीन लूट की वारदात, वर्षों से फरार चल रहे अपराधियों को अब कानून के शिकंजे में लाया जा रहा है। दोनों मामलों में गिरफ्तारी के बाद संबंधित राज्यों की पुलिस अब आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

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