यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल | 8 मई 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को यमकेश्वर क्षेत्र का संयुक्त दौरा कर विकास योजनाओं की सौगात दी। दोनों मुख्यमंत्रियों ने महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इस दौरान धार्मिक आस्था, शिक्षा, तकनीक और युवाओं के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों नेताओं का दौरा राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राचीन शिव मंदिर में की पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर में विधिवत पूजा कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की।
मंदिर परिसर में दोनों नेताओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया सहित प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
महाविद्यालय में हुआ भव्य स्वागत
महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी पहुंचने पर छात्राओं ने पारंपरिक लोक संस्कृति के साथ दोनों मुख्यमंत्रियों का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी और धामी ने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में शिक्षा और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन भी किया गया।
एआई आधारित वेबसाइट बनी आकर्षण का केंद्र
महाविद्यालय के तकनीकी विशेषज्ञ त्रिलोक चंद्र शर्मा ने नई वेबसाइट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एआई बॉट से संवाद कर परीक्षा प्रणाली और परिणामों से जुड़ी जानकारी हासिल की।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्र संख्या, कौशल विकास कार्यक्रम और डिजिटल शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों और शिक्षकों ने इस तकनीकी पहल की सराहना की।
नए भवन, सेमिनार हॉल और ओपन जिम का उद्घाटन
दोनों मुख्यमंत्रियों ने महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन और आधुनिक सेमिनार हॉल का भी लोकार्पण किया। इस दौरान “विकसित भारत-एक संकल्प” पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
युवाओं को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महाविद्यालय परिसर में बनाए गए ओपन जिम का उद्घाटन भी किया गया। खास बात यह रही कि दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं जिम उपकरणों पर व्यायाम कर फिटनेस का संदेश दिया।
प्रस्तावित स्टेडियम का किया निरीक्षण
दौरे के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने प्रस्तावित स्टेडियम की भूमि का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए और क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
पैतृक गांव पंचूर पहुंचे योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर भी पहुंचे, जहां उनका ढोल-दमाऊ और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्प भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
श्री विष्णु महायज्ञ में लिया हिस्सा
पंचूर गांव में नवनिर्मित श्री विष्णु पंचदेव मंदिर में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया। उन्होंने परिवार और ग्रामीणों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और मंदिर समिति का आभार जताया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तीन वर्ष पहले जहां केवल श्रद्धा थी, आज वहां भव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने और ईश्वर भक्ति के माध्यम से जीवन में ऊर्जा बनाए रखने का संदेश दिया।
15 माह में बनकर तैयार हुआ भव्य मंदिर
पंचूर गांव में बने श्री विष्णु पंचदेव मंदिर का निर्माण मार्च 2025 में शुरू हुआ था और लगभग 15 महीनों में यह मंदिर पूरी तरह तैयार हो गया। 4 मई को कलश यात्रा निकाली गई थी, जबकि 8 मई को मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और श्री विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया गया।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद चौथी बार गांव पहुंचे योगी
उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ चौथी बार अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे हैं। इससे पहले वह पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी गांव आ चुके हैं।
स्थानीय लोगों में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खास उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल हुए।
निष्कर्ष
यमकेश्वर और पंचूर का यह दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसमें विकास, संस्कृति, शिक्षा और धार्मिक आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। एक ओर जहां आधुनिक तकनीक और विकास परियोजनाओं की शुरुआत हुई, वहीं दूसरी ओर धार्मिक परंपराओं और ग्रामीण संस्कृति को भी सम्मान दिया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों के इस संयुक्त कार्यक्रम ने क्षेत्र में विकास की नई उम्मीदों को मजबूत किया है।



