सरकार के आश्वासन पर एक महीने के लिए स्थगित हुआ धरना, देहरादून में टला बड़ा संकट
देहरादून | 13 मई 2026
उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर चल रहा नर्सिंग बेरोजगारों का उग्र आंदोलन आखिरकार फिलहाल थम गया है। करीब 60 घंटे तक पानी की टंकी पर डटे रहे प्रदर्शनकारी सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद नीचे उतर आए। इसके साथ ही नर्सिंग अभ्यर्थियों ने अपना धरना एक महीने के लिए स्थगित करने का ऐलान किया है।
देहरादून के सर्वे चौक क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से चल रहे इस आंदोलन ने पूरे प्रशासन को चिंता में डाल दिया था। आंदोलन के दौरान हालात लगातार तनावपूर्ण बने रहे और कई बार स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती दिखाई दी।
साढ़े पांच महीने से चल रहा था आंदोलन
नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले नर्सिंग बेरोजगार वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर पिछले साढ़े पांच महीने से धरना दे रहे थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ती चली गई।
जब बार-बार ज्ञापन और प्रदर्शन के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। तीन दिन पहले कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष Jyoti Rautela समेत पांच लोग सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसके बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
आंदोलन के दौरान बिगड़े हालात
आंदोलन के दौरान कई ऐसे पल आए जब प्रशासन की चिंता और बढ़ गई। टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारियों में से एक ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं नीचे धरने पर बैठे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
लगातार धरने और तनाव के कारण कई प्रदर्शनकारियों की तबीयत भी बिगड़ गई थी। हालात को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार आंदोलनकारियों से संपर्क बनाए हुए थे।
डीजी हेल्थ ने की वार्ता
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार शाम स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा धरनास्थल पहुंचीं। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ लंबी बातचीत की और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
हालांकि शुरुआती बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया और प्रदर्शनकारी टंकी से नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। बाद में सरकार की ओर से मांगों पर परीक्षण और सकारात्मक विचार का भरोसा मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने अपना रुख बदला।
एसडीआरएफ और फायर टीम ने सुरक्षित उतारा
बुधवार को करीब 60 घंटे बाद Jyoti Rautela समेत अन्य चार प्रदर्शनकारियों को एसडीआरएफ और फायर सर्विस की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
जैसे ही प्रदर्शनकारी नीचे उतरे, वहां मौजूद समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और ज्योति रौतेला की आंखें नम दिखाई दीं।
मौके पर Ganesh Godiyal समेत कांग्रेस के कई नेता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री Subodh Uniyal ने कहा कि नर्सिंग बेरोजगारों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों ने हिमाचल प्रदेश के शासनादेश का भी हवाला दिया है, जिसकी समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल कैबिनेट बैठक में नर्सिंग बेरोजगारों से संबंधित कोई एजेंडा शामिल नहीं था, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
एक महीने तक सरकार के कदम पर रहेगी नजर
नर्सिंग अभ्यर्थियों ने फिलहाल अपना आंदोलन एक महीने के लिए स्थगित किया है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि तय समय में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन दोबारा तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य में लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार को लेकर युवाओं में असंतोष बना हुआ है। ऐसे में सरकार के सामने अब इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की बड़ी चुनौती है।


