देहरादून, 16 मई 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी साफ दिखाई देने लगा है। दून में लोग तेजी से वैकल्पिक ईंधन की ओर रुख कर रहे हैं, जिसके चलते सीएनजी की खपत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर में सीएनजी की दैनिक खपत अब 50 हजार किलोग्राम प्रतिदिन के पार पहुंच चुकी है।
कुछ महीने पहले तक यह आंकड़ा करीब 32 हजार किलोग्राम प्रतिदिन था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में मांग में अचानक तेज उछाल देखा जा रहा है। विशेषज्ञ इसे संभावित ईंधन संकट, महंगे होते पेट्रोल-डीजल और बढ़ती वाहनों की आवाजाही से जोड़कर देख रहे हैं।
नेशनल ग्रीन हाईवे बनने के बाद बढ़ी सीएनजी वाहनों की संख्या
गेल गैस लिमिटेड के महाप्रबंधक अंबुज गौतम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित दून-दिल्ली नेशनल ग्रीन हाईवे के शुरू होने के बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में सीएनजी वाहन देहरादून पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान सीएनजी की मांग में पांच से दस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होती थी, लेकिन इस बार यह बढ़ोतरी करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वर्तमान में जिले में 16 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे हैं और बढ़ती मांग को देखते हुए नेटवर्क विस्तार की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ा दबाव
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में दो से ढाई हजार रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि गुरुवार देर रात पेट्रोल और डीजल के दाम भी तीन रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए।
ईंधन कीमतों में इस बढ़ोतरी के बाद लोग खर्च कम करने के लिए तेजी से सीएनजी और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा आधारित वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि जिला पूर्ति विभाग ने दावा किया है कि फिलहाल देहरादून में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के अनुसार देहरादून जिले में विभिन्न कंपनियों के कुल 165 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इनमें इंडियन ऑयल के 71, भारत पेट्रोलियम के 34, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 40 तथा नायरा और रिलायंस के 10-10 पेट्रोल पंप शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह तक जिले में करीब 24 लाख लीटर पेट्रोल और 20 लाख लीटर डीजल उपलब्ध था। गुरुवार को केवल इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों से चार लाख लीटर पेट्रोल और 3.63 लाख लीटर से अधिक डीजल की बिक्री दर्ज की गई।
इसके अलावा जिले में 70 गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं और अधिकांश एजेंसियों में गैस सिलेंडर का बैकलॉग अब कम हो गया है। उपभोक्ताओं को दो से तीन दिनों के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
पीएनजी परियोजना अभी भी रफ्तार पकड़ने का इंतजार में
देहरादून में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी परियोजना अभी भी कई प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों से जूझ रही है। रोड कटिंग अनुमति और सीमित समय में कार्य पूरा करने की बाध्यता के कारण पाइपलाइन विस्तार की गति प्रभावित हुई है।
हालांकि तमाम बाधाओं के बावजूद शहर के करीब 3400 घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। गेल गैस लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि अब डेढ़ महीने तक चौबीस घंटे कार्य करने की अनुमति मिलने के बाद परियोजना में तेजी आने की उम्मीद है।
लोगों ने की ईंधन बचाने और वैकल्पिक ऊर्जा अपनाने की अपील
देहरादून के कई नागरिकों ने मौजूदा हालात को देखते हुए ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की अपील की है। कारगी चौक निवासी शोभा रावत ने कहा कि लोगों को निजी वाहनों के बजाय अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए।
बड़ोवाला निवासी नंदा सुंदरियाल का कहना है कि सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से तेल पर निर्भरता कम की जा सकती है। वहीं टर्नर रोड निवासी वहीदा और रायपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद डिमरी ने भी नागरिकों से वैकल्पिक ऊर्जा आधारित वाहनों को अपनाने की अपील की।
निष्कर्ष
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच देहरादून में सीएनजी की मांग तेजी से बढ़ रही है। शहर में लोग अब पारंपरिक ईंधन के बजाय सस्ते और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में यदि तेल संकट और गहराता है तो सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।


