पौड़ी गढ़वाल | 15 मई 2026
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत मरोड़ा में महिला ग्राम प्रधान और गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति के बीच विवाद का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों के बीच हुई तीखी बहस और कथित अभद्रता का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद थाने में लिखित माफीनामे के जरिए विवाद को शांत कराया गया।
वायरल वीडियो में गांव की युवा ग्राम प्रधान विरमा रावत और एक बुजुर्ग व्यक्ति के बीच कहासुनी होती दिखाई दे रही है। वीडियो में बुजुर्ग व्यक्ति को ग्राम प्रधान के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए भी देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
ग्राम प्रधान विरमा रावत ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गांव का उक्त बुजुर्ग उनके चरित्र को लेकर आसपास के क्षेत्रों में भ्रामक बातें फैला रहा था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सीधे इस विषय पर बात करनी चाही, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान बुजुर्ग व्यक्ति ने उनका हाथ पकड़कर खींचा और अभद्र व्यवहार किया।
विरमा रावत के अनुसार, उन्होंने अपनी सुरक्षा और पूरे घटनाक्रम का प्रमाण रखने के लिए वीडियो रिकॉर्ड किया, ताकि लोगों के सामने सच्चाई लाई जा सके। उनका कहना है कि वीडियो सार्वजनिक करने का उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि उन अफवाहों और व्यवहार को सामने लाना था जिनका वह सामना कर रही थीं।
घटना के बाद ग्राम प्रधान ने थलीसैंण पुलिस को फोन पर सूचना दी और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत भी सौंपी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों को थलीसैंण थाने बुलाया। वहां बातचीत के बाद बुजुर्ग व्यक्ति ने लिखित रूप से माफी मांगी, जिसके बाद तत्काल विवाद को शांत कर दिया गया।
हालांकि ग्राम प्रधान का आरोप है कि माफी मांगने के बाद भी उन्हें दोबारा धमकाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान बनने के बाद से उन्होंने गांव में शराबबंदी को लेकर सख्त कदम उठाए हैं, जिससे कुछ लोग नाराज हैं। उनका कहना है कि गांव में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है।
विरमा रावत ने कहा कि वह लगातार गांव के विकास और सामाजिक सुधार के लिए कार्य कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उनके खिलाफ झूठी बातें फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव लौटकर उन्होंने क्षेत्र को बेहतर दिशा देने का संकल्प लिया था, लेकिन मौजूदा हालात यह दिखाते हैं कि ग्रामीण समाज में आज भी महिलाओं को लेकर सोच बदलने की आवश्यकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इस मामले ने महिला सम्मान, ग्रामीण राजनीति और सामाजिक सोच को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कई लोग महिला ग्राम प्रधान के समर्थन में सामने आए हैं, जबकि कुछ लोगों ने ऐसे विवादों को सामाजिक संवाद से सुलझाने की बात कही है।
निष्कर्ष
पौड़ी गढ़वाल के मरोड़ा गांव में सामने आया यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीण समाज में महिलाओं की भूमिका, सम्मान और सामाजिक मानसिकता से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस हस्तक्षेप और लिखित माफीनामे के बाद फिलहाल विवाद शांत हो गया है, लेकिन यह घटना समाज में जागरूकता और आपसी सम्मान की जरूरत को फिर उजागर करती है।


