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देहरादून में 7 साल की बच्ची से छेड़छाड़ करने वाला वैन चालक दोषी, कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा; 35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

स्थान: पटेल नगर, देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 3 नवंबर 2026

देहरादून। राजधानी देहरादून में सात साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पटेल नगर क्षेत्र में स्कूल जाने वाली बच्ची के साथ गलत हरकत करने के दोषी वैन चालक सलमान को अदालत ने पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर कुल 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर देने के भी निर्देश दिए हैं।

स्कूल ले जाने के दौरान बच्ची के साथ करता था गलत हरकत

मामला पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने 20 अक्टूबर 2022 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी सात वर्षीय बेटी स्कूल जाने के लिए वैन का इस्तेमाल करती थी। शुरुआत में नसीम नाम का चालक बच्ची को घर से स्कूल पहुंचाता था, लेकिन बाद में वैन चलाने के लिए अलग-अलग चालक रखे जाने लगे। इसी दौरान सलमान भी वैन चालक के रूप में काम करने लगा।

आरोप था कि सलमान बच्ची को प्रेमनगर गेट पर दूसरी वैन के पहुंचने तक करीब 20 से 25 मिनट अकेले रखता था। इसी समय वह बच्ची के साथ अशोभनीय हरकतें करता था। अदालत में दिए बयान में बच्ची ने बताया कि आरोपी उसे गलत तरीके से छूता था और विरोध करने पर गाली देता था। इतना ही नहीं, वह माता-पिता को जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए डराता था।

बच्ची के व्यवहार में बदलाव से खुला मामला

कुछ समय बाद बच्ची के व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा। उसने स्कूल जाने से भी मना करना शुरू कर दिया। इस पर माता-पिता ने उससे बातचीत की तो बच्ची ने वैन चालक की हरकतों के बारे में पूरी जानकारी दी।

पीड़िता ने अदालत में यह भी बताया कि एक बार आरोपी उसे कमरे में ले गया और कपड़े उतारने के लिए कहा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और चाकू दिखाकर डराया गया।

गवाहों और पीड़िता के बयान को अदालत ने माना अहम

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कुसुम शाही की अदालत ने पीड़िता के बयान के साथ उसके माता-पिता और अन्य गवाहों की गवाही पर विचार किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।

हालांकि, नशीला पदार्थ देने और जबरन वसूली से जुड़े आरोपों के पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर आरोपी को आईपीसी की धारा 328 और 385 के आरोपों से बरी कर दिया गया।

इन धाराओं में सुनाई गई सजा और लगाया जुर्माना

अदालत ने आरोपी सलमान को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है।

  • पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत 5 साल का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना।

  • आईपीसी की धारा 354 के तहत 3 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना।

  • आईपीसी की धारा 504, 506 और 509 के तहत दो-दो साल की कैद और प्रत्येक धारा में 5-5 हजार रुपये जुर्माना।

अदालत ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया है। इसके चलते आरोपी को कुल पांच साल जेल में बिताने होंगे। वहीं, पहले से जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

इसके अलावा पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर दिलाने के लिए फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

निष्कर्ष: देहरादून के इस मामले में अदालत का फैसला बच्चों की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई की अहमियत को दर्शाता है। सात साल की बच्ची के साथ हुई घटना में दोषी को सजा मिलने के साथ पीड़िता के लिए आर्थिक प्रतिकर का भी आदेश दिया गया है।

 

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