दिनांक: 23 सितंबर 2026
स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
देहरादून में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। राजपुर थाना पुलिस और ANTF ने अलग-अलग स्थानों से छह कथित ड्रग्स पैडलरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपी दिल्ली निवासी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू से जुड़े हुए हैं और देहरादून में कॉलेज छात्रों के बीच MDMA की सप्लाई करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 44.61 ग्राम MDMA (मिथाइलीनडाईऑक्सी-मेथाम्फेटामाइन) बरामद की है। MDMA को आम बोलचाल में ‘लव ड्रग’ भी कहा जाता है। बरामद नशीले पदार्थ की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी खुद भी देहरादून और दूसरे राज्यों के शिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे थे।
रात में दो जगहों पर हुई कार्रवाई
देहरादून पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 22 सितंबर की रात राजपुर थाना पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की।
पहली कार्रवाई ओल्ड मसूरी रोड स्थित शहंशाई रिजॉर्ट के पास की गई। यहां पुलिस ने एक कार में सवार चार युवकों को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 27.12 ग्राम MDMA बरामद हुई।
इसके बाद टीम ने सहस्त्रधारा हेलीपैड के पास कार्रवाई करते हुए दो अन्य युवकों को पकड़ा। इनके पास से 17.49 ग्राम MDMA बरामद की गई। इस तरह दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 44.61 ग्राम MDMA बरामद की।
छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों के खिलाफ थाना राजपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/29/60 के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय वेदांत चौहान, रचित शर्मा, श्रीकांत, चिराग रस्तोगी, अभिषेक थापा और वैभव ममगांई के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये सभी रायपुर थाना क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों से जुड़े बताए गए हैं।
दिल्ली से देहरादून तक पहुंचती थी MDMA की खेप
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी देहरादून के अलग-अलग क्षेत्रों में रहकर तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी दिल्ली निवासी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू के लिए काम करते थे।
पुलिस के मुताबिक सिद्धू या उसके एजेंट समय-समय पर देहरादून पहुंचकर आरोपियों को MDMA उपलब्ध कराते थे। कुछ मौकों पर आरोपी खुद दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश जाकर भी नशीले पदार्थ लेकर देहरादून आते थे। इसके बाद इनकी सप्लाई स्थानीय स्तर पर की जाती थी।
जांच में पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और नशीले पदार्थों की सप्लाई किन-किन स्थानों तक की जा रही थी।
कॉलेज छात्रों को बनाया जाता था निशाना
पुलिस के अनुसार, आरोपी MDMA की बिक्री खासतौर पर कॉलेज छात्रों के बीच करते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी खुद उच्च शिक्षा हासिल कर रहे थे और आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों से आते हैं।
पुलिस का कहना है कि महंगे शौक और खर्च पूरे करने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर नशे की तस्करी का रास्ता अपनाया। पढ़ाई के साथ वे नशीले पदार्थों की सप्लाई में शामिल हो गए और कॉलेज छात्रों को ऊंची कीमत पर MDMA बेचने लगे।
पुलिस अब नेटवर्क के दूसरे लोगों की तलाश में
एसपी सिटी देहरादून शेखर सुयाल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में दिल्ली निवासी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सिद्धू और उसके एजेंट देहरादून में MDMA उपलब्ध कराते थे। जरूरत पड़ने पर आरोपी खुद भी दूसरे राज्यों से ड्रग्स लेकर आते थे।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का फोकस ड्रग्स की सप्लाई के स्रोत, दिल्ली से देहरादून तक नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर खरीददारों तक पहुंचने वाले चैनल पर है।
देहरादून में नशे के खिलाफ अभियान जारी
राजधानी में युवाओं और विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच नशीले पदार्थों की बढ़ती पहुंच को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई तेज की है। ताजा कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में MDMA की बरामदगी के बाद पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
निष्कर्ष: देहरादून में हुई यह कार्रवाई नशे की सप्लाई से जुड़े एक नेटवर्क तक पुलिस के पहुंचने का दावा करती है। फिलहाल छह आरोपी गिरफ्तार हैं और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दिल्ली के कथित सप्लायर सिद्धू के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और देहरादून में नशीले पदार्थों की सप्लाई का दायरा कितना बड़ा है।


