दिनांक : 24 सितंबर 2026
स्थान : मसूरी, देहरादून, उत्तराखंड
मसूरी के एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन के पहले ही दिन प्रारंभिक जांच के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए। नामांकन पत्रों में सामने आई कमियों के बाद एनएसयूआई सहित अन्य छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर और मुख्य गेट पर विरोध जताया।
उम्र और दस्तावेजों में कमियां बनीं नामांकन रद्द होने की वजह
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, उपाध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी प्रत्याशी की उम्र 22 वर्ष चार माह पाई गई। छात्रसंघ चुनाव में लागू लिंगदोह सिफारिशों के तहत अधिकतम निर्धारित उम्र 22 वर्ष है। उम्र सीमा से अधिक होने के कारण उनका नामांकन निरस्त किया गया।
वहीं सचिव और कोषाध्यक्ष पद के एबीवीपी प्रत्याशियों के दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में भी निर्धारित नियमों से जुड़ी कमियां मिलीं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, दोनों प्रत्याशियों के परिणाम घोषित नहीं हुए थे और क्रेडिट बेस्ड सिस्टम से संबंधित आवश्यक शर्तें भी पूरी नहीं थीं। इन आधारों पर दोनों नामांकन पत्र भी खारिज कर दिए गए।
तीन पर्चे निरस्त होने के बाद बदली चुनावी तस्वीर
एबीवीपी के तीन प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने के बाद उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद की चुनावी स्थिति फिलहाल बदल गई है। प्रारंभिक तौर पर इन पदों पर एक-एक प्रत्याशी के ही मैदान में रहने की स्थिति बनी है। हालांकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अंतिम स्थिति नामांकन पत्रों की पूरी जांच और अंतिम प्रत्याशी सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
25 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन-किन प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला होगा।
अध्यक्ष पद पर तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें मसूरी छात्र संगठन से मनन, एनएसयूआई से विकास सिंह और एबीवीपी से वेदांत थपलियाल शामिल हैं।
सचिव पद के लिए अंकित रौतेला, रिया, प्रियांशु और आशुतोष जोशी ने नामांकन दाखिल किया है। उपाध्यक्ष पद पर गौरव सिंह गुसाईं, सहसचिव पद पर ईशा और कोषाध्यक्ष पद के लिए सलोनी ने नामांकन किया है।
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद के लिए करिश्मा डुमोगा और संध्या ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।
नामांकन के दौरान छात्र गुटों में हुई नोकझोंक
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कॉलेज परिसर में छात्र गुटों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया और नामांकन प्रक्रिया जारी रही।
चुनाव अधिकारी अमिताभ भट्ट और कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनील पंवार ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में लिंगदोह सिफारिशों और निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में जिन तीन नामांकन पत्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप कमियां मिलीं, उन्हें नियमों के अनुसार निरस्त किया गया है।
29 सितंबर को होगा मतदान
एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान 29 सितंबर को कराया जाएगा। चुनाव अधिकारी के अनुसार मतदान सुबह 9 बजे शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक चलेगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र जरूरी होगा। बिना आईडी कार्ड किसी को कॉलेज परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और मतदान की अनुमति भी वैध आईडी के आधार पर ही मिलेगी।
सुरक्षा व्यवस्था भी रहेगी कड़ी
छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए कॉलेज परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। बाहरी और प्रभावशाली व्यक्तियों के कॉलेज परिसर में प्रवेश पर रोक रहेगी। मसूरी पुलिस की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
पूरी चुनाव प्रक्रिया एसडीएम मसूरी और कॉलेज प्रशासक के निर्देशन में संपन्न कराई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य मतदान और मतगणना के दौरान व्यवस्था बनाए रखना तथा चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कराना है।
निष्कर्ष
एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में नामांकन के पहले ही दिन तीन पर्चे निरस्त होने से चुनावी समीकरणों में बदलाव आया है। हालांकि अंतिम प्रत्याशी सूची 25 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच के बाद जारी होगी। इसके बाद ही सभी पदों पर मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल 29 सितंबर को होने वाले मतदान को लेकर कॉलेज परिसर में छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है और चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।


