दिनांक : 24 सितंबर 2026
स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा ने पलटवार करते हुए इन्हें राजनीतिक आरोप बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार के लिए अलग-अलग कारण तलाशती रही है और अब एसआईआर को नया मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप
महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। उनके अनुसार, पार्टी को आगामी चुनाव में अपनी संभावित स्थिति का अंदाजा है, इसलिए वह संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी चुनावी हार के बाद ईवीएम को लेकर सवाल उठाती रही है और अब मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विरोध किया जा रहा है।
“घेराव के लिए समय है, मतदाताओं की मदद के लिए नहीं”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं के पास राजभवन, सचिवालय और निर्वाचन आयोग का घेराव करने तथा ज्ञापन सौंपने के लिए समय है, लेकिन मतदाताओं के बीच जाकर एसआईआर प्रक्रिया को समझाने और उनकी समस्याओं में सहायता करने के लिए समय नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या पुनरीक्षण के दौरान किसी तरह की परेशानी सामने आती है, तो पार्टी ने उसकी मदद के लिए क्या व्यवस्था की है।
आयोग के भीतर मतभेद को लेकर भी प्रतिक्रिया
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और आयोग के सदस्यों के बीच कथित मतभेद को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी महेंद्र भट्ट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था में महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सदस्यों के बीच अलग-अलग विचारों पर चर्चा होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
भट्ट ने कहा कि आयोग की ओर से 23 सितंबर को स्पष्ट किया गया था कि एसआईआर से संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में कांग्रेस की ओर से आयोग के भीतर के विचार-विमर्श को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
2027 के चुनाव को लेकर भाजपा ने बताई रणनीति
महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में अपनी हार का नया राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव को विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर लड़ेगी।
उनके मुताबिक, मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक निर्धारित चुनावी प्रक्रिया है और पात्र मतदाताओं को इसमें किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
मतदाता सूची को लेकर बढ़ रही राजनीतिक सक्रियता
एसआईआर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी के साथ उत्तराखंड में चुनावी माहौल भी धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। कांग्रेस जहां प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत हैं।
निष्कर्ष
एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों के जवाब में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी पर राजनीतिक मुद्दा खड़ा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस से पात्र मतदाताओं की सहायता के लिए जमीनी स्तर पर काम करने को कहा और दावा किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में विकास तथा जनकल्याण के मुद्दों को केंद्र में रखेगी। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर दोनों प्रमुख दलों के अलग-अलग रुख के बीच अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।


